रिपोर्टर – रुपाली हटवार, अमरावती, महाराष्ट्र :- आत्मा’ योजना 2026-27 के अंतर्गत मौजा शेवती (ता. अमरावती) में ‘महाराष्ट्र प्राकृतिक खेती अभियान’ कार्यक्रम के तहत सोयाबीन फसल प्रबंधन विषय पर तीसरी शेतीशाला का सत्र उत्साह के साथ आयोजित किया गया। इस शेतीशाला के लिए मुख्य रूप से परियोजना निदेशक अर्चना निस्ताने (आत्मा अमरावती), मार्गदर्शक डॉ. हर्षल ठाकुर (कृषि विशेषज्ञ, कृषि विज्ञान केंद्र, दुर्गापुर), पानी फाउंडेशन के श्री जयकुमार सोनुले, श्री प्रशांत देवडे और कु. रेणुका पोहोकार उपस्थित थे। परियोजना निदेशक अर्चना निस्ताने ने उपस्थित किसानों को प्राकृतिक खेती पद्धति के बारे में विस्तार से मार्गदर्शन किया और रसायन मुक्त खेती अपनाकर लागत खर्च कम करने की बात कही।मिट्टी की उपजाऊ क्षमता (सुपीकता) बनाए रखना ही इस शेतीशाला का मुख्य उद्देश्य होने की जानकारी दी गई। कृषि विज्ञान केंद्र (दुर्गापुर) के कृषि विशेषज्ञ डॉ. हर्षल ठाकुर ने मुख्य रूप से:कीटनाशक अर्क तैयार करना और उनका उपयोग कडुनिंब (नीम) अर्क, दशपर्णी अर्क, निंबोळी अर्क और ब्रह्मास्त्र खुद कैसे तैयार करें और फसल पर इसका प्रभावी उपयोग कैसे करें, इसके बारे में प्रत्यक्ष प्रमाण (डेमो) और मार्गदर्शन दिया। सोयाबीन की फसल में मित्र कीट और शत्रु कीट के बीच अंतर पहचानकर मित्र कीटों का संरक्षण कैसे करें, इस बारे में किसानों को जानकारी दी गई। साथ ही कामगंध जाल (फेरोमोन ट्रैप), पीले चिपचिपे जाल (येलो स्टिकी ट्रैप) और ट्रैप क्रॉप के महत्व व उपयोग के बारे में बताया गया। इस शेतीशाला के लिए श्री मारुति जाधव (सहा. कृ. अ.), श्री मयूर देवले (सहा. कृ. अ. शेवती), रूपाली चौधरी, आत्मा टीम के साथ-साथ गाँव के बड़ी संख्या में किसान भाई और ‘जय जवान जय किसान’ शेतकरी समूह के सदस्य उपस्थित थे। सत्र के सफल आयोजन पर उपस्थित किसानों ने कृषि विभाग और ‘आत्मा’ टीम का आभार व्यक्त किया।






