रिपोर्टर:- नजीर मुलाणी, सिटी : ठाणे, महाराष्ट्र:- सेना (मनसे) के अध्यक्ष राज ठाकरे ने ठाणे में आयोजित राज्यस्तरीय पदाधिकारी सम्मेलन में राज्य और देश की राजनीति पर तीखा हमला बोलते हुए बेरोजगारी, आर्थिक संकट, शिक्षा व्यवस्था, मराठी भाषा, सामाजिक सौहार्द और गणेशोत्सव के दौरान बढ़ते ध्वनि प्रदूषण जैसे मुद्दों पर अपनी स्पष्ट और बेबाक राय रखी। राज ठाकरे ने कहा कि देश के सामने सबसे बड़ी चुनौतियाँ बेरोजगारी, उद्योगों का बंद होना, शिक्षा क्षेत्र की समस्याएँ और आर्थिक मंदी हैं। लेकिन जनता का ध्यान इन वास्तविक मुद्दों से हटाकर धर्म, जाति और भाषा के विवादों में उलझाया जा रहा है। उन्होंने केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि रोजगार के अवसर लगातार कम हो रहे हैं। कई कंपनियाँ भारत से बाहर जा रही हैं, जिससे युवाओं के भविष्य पर असर पड़ रहा है। उन्होंने देश की आर्थिक स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए आम नागरिकों की बढ़ती परेशानियों की ओर ध्यान आकर्षित किया। गणेशोत्सव के संदर्भ में राज ठाकरे ने डीजे, डॉल्बी और बढ़ते ध्वनि प्रदूषण पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र की सांस्कृतिक परंपराओं को संरक्षित रखना आवश्यक है और त्योहारों का मूल उद्देश्य सामाजिक एकता, आनंद और संस्कृति का उत्सव होना चाहिए, न कि केवल शक्ति प्रदर्शन। अपने भाषण में उन्होंने हिंदू-मुस्लिम एकता का भी संदेश दिया। आगामी त्योहारों के दौरान समाज में तनाव फैलाने की कोशिशों से सावधान रहने का आह्वान करते हुए उन्होंने दोनों समुदायों से संयम और आपसी सम्मान बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि सामाजिक शांति और सौहार्द बनाए रखना हर नागरिक की जिम्मेदारी है। मराठी भाषा और महाराष्ट्र की अस्मिता के मुद्दे पर बोलते हुए राज ठाकरे ने कहा कि मराठी युवाओं के रोजगार, शिक्षा और विकास पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि भाषाई विवादों के बजाय विकास और जनहित के मुद्दों को प्राथमिकता दी जाए।उन्होंने छत्रपति शिवाजी महाराज, डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर और महात्मा ज्योतिबा फुले जैसे महापुरुषों के सम्मान को सर्वोपरि बताते हुए कहा कि उनके नाम और छवि का राजनीतिक लाभ के लिए उपयोग नहीं किया जाना चाहिए। विश्लेषण राज ठाकरे के इस भाषण का मुख्य केंद्र धार्मिक और भावनात्मक मुद्दों से जनता का ध्यान हटाकर बेरोजगारी, शिक्षा, अर्थव्यवस्था और सामाजिक समस्याओं की ओर ले जाना रहा। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार यह भाषण आगामी राजनीतिक रणनीति का संकेत देता है। ठाणे से दिया गया यह संदेश केवल मनसे कार्यकर्ताओं के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे महाराष्ट्र की जनता को सोचने पर मजबूर करने वाला साबित हुआ है।
टीम ब्लड सेवा द्वारा किया गया रक्तदान कैंप का आयोजन|
रिपोर्टर:- संजय पुरी, जिला ——-पठानकोट:- ब्लड सेवा पठानकोट द्वारा एक ब्लड डोनेशन कैम्प का आयोजन आज रविवार 06 सितंबर 2026 को सिविल हॉस्पिटल पठानकोट में में किया गया । इस…
Read more





