रिपोर्टर – सुरेंद्र कुमार पंवार, जोधपुर, राजस्थान :- जोधपुर नगर निगम चुनाव के परिणाम से ठीक पहले दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों—भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस—ने जोड़ – तोड़ और जीत-हार का गणित बैठाना शुरू कर दिया है। स्पष्ट बहुमत के लिए 51 सीटों के जादुई आंकड़े की जरूरत है, जिसे साधने के लिए दोनों ही दलों को बागी व निर्दलीय प्रत्याशियों के समर्थन की दरकार रहेगी। सीटों का चुनावी गणित :- बहुमत का आंकड़ा: 51 सीटें,
भाजपा का दावा: 45 से अधिक सीटें (बहुमत के लिए 6 निर्दलीयों की आवश्यकता), कांग्रेस का दावा: 38 से अधिक सीटें (बहुमत के लिए 13 निर्दलीयों की आवश्यकता), निर्दलीयों की भूमिका: 15 से 17 बागी प्रत्याशी किंगमेकर की भूमिका में हैं, जिनमें से करीब 10 निर्दलीयों की जीत तय मानी जा रही है।
होटलों में बाड़ेबंदी और राजनीतिक हलचल :- मतगणना से पूर्व संभावित टूट-फूट को रोकने के लिए कांग्रेस ने प्रत्याशियों की बाड़ेबंदी शुरू कर दी है। पार्टी ने 8 मील स्थित एक निजी होटल में दो दर्जन से अधिक कमरे बुक कर अपने प्रत्याशियों को ठहराया है। इस कवायद में पूर्व विधायक मनीषा पंवार, पूर्व प्रत्याशी शहजाद खान, जिलाध्यक्ष ओंकार वर्मा, राजेंद्र सिंह सोलंकी, कुश गहलोत और कुंती परिहार सहित वरिष्ठ नेता सक्रिय नजर आए। वहीं दूसरी ओर, भाजपा ने भी कई निर्दलीय प्रत्याशियों से सीधा संपर्क साधकर उन्हें अपने पाले में लेने की रणनीति पर काम तेज कर दिया है। दोनों ही दलों के सामने सबसे बड़ी चुनौती उनके अपने बागी प्रत्याशी रहे हैं, जिन्होंने अधिकृत उम्मीदवारों के वोट बैंक में सेंध लगाई है। कई वार्डों में मुकाबला सीधे तौर पर दो दलों के बीच न होकर बागी बनाम पार्टी प्रत्याशी बन गया है, जिससे मामूली अंतर से भी परिणाम पलटने की पूरी संभावना है।
जोधपुर में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की घंटाघर सभा के बाद भारी हंगामा; भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ता आमने-सामने, पुलिस ने संभाली स्थिति।
रिपोर्टर – सुरेंद्र कुमार पंवार, जोधपुर, राजस्थान :- जोधपुर के ऐतिहासिक घंटाघर क्षेत्र में राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की जनसभा के उपरांत उस समय तनावपूर्ण माहौल बन गया, जब…
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