रिपोर्टर – आर्यन ठाकुर, अहमदाबाद, 7 सितंबर :- शहर में ऑटो रिक्शा चालकों ने सोमवार को विभिन्न मांगों को लेकर हड़ताल का आह्वान किया। ऑटो चालकों का कहना है कि ऑनलाइन टैक्सी एवं राइड-हेलिंग ऐप कंपनियों द्वारा यात्रियों से लिया जाने वाला किराया कई मामलों में इतना कम है कि ईंधन, वाहन रखरखाव, परमिट, टैक्स और अन्य खर्चों को निकालने के बाद चालकों के लिए पर्याप्त आय नहीं बचती। इसके चलते ऑटो रिक्शा चालकों की आर्थिक स्थिति प्रभावित हो रही है। ऑटो चालकों की प्रमुख मांग है कि यदि ऑनलाइन टैक्सी सेवाओं को बंद नहीं किया जाता, तो उनके किराए की दरों को व्यावहारिक स्तर पर निर्धारित किया जाए, ताकि चालक अपने वाहन के संचालन का खर्च निकालने के साथ सम्मानजनक आय भी अर्जित कर सकें। चालकों ने दोपहिया टैक्सी सेवाओं को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि कुछ दोपहिया टैक्सी वाहन सफेद नंबर प्लेट के साथ व्यावसायिक यात्री परिवहन में संचालित किए जा रहे हैं, जबकि ऑटो रिक्शा चालकों को परमिट, टैक्स और अन्य निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन करना पड़ता है। चालकों का कहना है कि यदि सभी प्रकार की यात्री परिवहन सेवाओं के लिए नियम लागू हैं, तो उनका पालन समान रूप से कराया जाना चाहिए। ऑटो रिक्शा चालकों का यह भी कहना है कि बड़ी संख्या में चालक तकनीकी रूप से ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का उपयोग करने में सक्षम नहीं हैं। कई पुराने एवं वरिष्ठ चालक स्मार्टफोन, ऐप आधारित बुकिंग और डिजिटल भुगतान जैसी व्यवस्थाओं से परिचित नहीं हैं। ऐसे में उनका मानना है कि केवल ऐप आधारित परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा देने से पारंपरिक ऑटो चालकों के सामने रोजगार की चुनौती और बढ़ सकती है। चालकों की एक अन्य प्रमुख शिकायत शिकायत निवारण व्यवस्था को लेकर है। उनका कहना है कि ऐप आधारित सेवाओं में किसी समस्या, किराए से संबंधित विवाद अथवा चालक की शिकायत के लिए स्थानीय स्तर पर स्पष्ट एवं सुलभ कार्यालय या प्रतिनिधि उपलब्ध नहीं होने से उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ता है। चालकों ने सरकार से मांग की है कि ऐसी कंपनियों के लिए प्रभावी शिकायत निवारण व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। हड़ताल कर रहे चालकों का कहना है कि वे तकनीक या ऑनलाइन परिवहन सेवाओं के पूरी तरह विरोध में नहीं हैं, लेकिन प्रतिस्पर्धा ऐसी होनी चाहिए जिसमें सभी परिवहन चालकों के लिए समान नियम और व्यावहारिक आय की व्यवस्था हो। उन्होंने सरकार से ऑटो रिक्शा एवं ऑनलाइन कैब/टैक्सी सेवाओं के किराए, परमिट, टैक्स तथा दोपहिया टैक्सी संचालन के नियमों की समीक्षा कर स्पष्ट नीति बनाने की मांग की है।





