रिपोर्टर :-रूपाली हटवार, अमरावती, महाराष्ट्र:- हर साल की तरह इस साल भी श्री गुरुदेव सेवा मंडल शिराळा में गुरु पूर्णिमा कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से मंडल के अध्यक्ष श्री रामनिवास दादा देशमुख, उपाध्यक्ष हभप मदनकर महाराज, हभप रामभाऊ जी चव्हाण मुख्य रूप से उपस्थित थे। आयोजित गुरु पूर्णिमा उत्सव की शुरुआत में ध्यान, उसके बाद ध्वजारोहण, अभिषेक, पादुका पूजन और तुकडोजी महाराज की मूर्ति का पूजन कर हार पहनाया गया। इसके बाद सेवा मंडल के अध्यक्ष श्री रामनिवास दादा देशमुख ने यह विधि पूर्ण की।उपरोक्त कार्यक्रम के लिए बबनराव वड्डरकर, नरेश भाऊ भस्मे, दिनेश पाटिल, विजय भिले , दिवाकर दादा खाडे, महिला सभासद सौ. मंदा वानखड़े, सौ. शीला खाडे, सौ. शोभा गंधे, सौ. सुनिता तलखंडकर का सहयोग मिला। शाम ठीक 7 बजे सामुदायिक प्रार्थना की गई।गुरु पूर्णिमा के अवसर पर हभप मदनकर महाराज ने अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि अगर हर घर में आपसी स्नेह और अपनापन बनाए रखना है, तो संतों के उपदेशों को आत्मसात करना चाहिए। आज के युवाओं का हर चीज़ को देखने का दृष्टिकोण वैज्ञानिक है, लेकिन उन्हें अपना अंतःकरण (मन) आध्यात्मिक रखना चाहिए।प्रार्थना के लिए गुरुदेव सेवा मंडल की महिला सभासद सौ. सरला उमके, सौ. लता कडू, सौ. रेखा खाडे, आशा भागवत, छबुताई भागवत, सौ. रेखा वड्डरकर, कलसकरबाई, देशमुखबाई, विमल ढवले और साथ ही पुरुष मंडली उपस्थित थी।






