रिपोर्टर -नजीर मुलाणी , सिटी- वसई (पालघर) , महाराष्ट्र:- वसई तहसील कार्यालय के प्रवेश द्वार के सामने तथा शहर के विभिन्न हिस्सों में कई चारपहिया और दोपहिया वाहनों पर नियमों के विरुद्ध फैंसी नंबर प्लेट, काली प्लेट पर सुनहरे अक्षरों में लिखे नंबर, “दादा”, “मामा”, “नाना” जैसे नाम तथा विभिन्न राजनीतिक दलों के लोगो लगाकर वाहन खुलेआम सड़कों पर दौड़ते दिखाई दे रहे हैं। वाहन का नंबर स्पष्ट रूप से दिखाई देना कानून की मूलभूत आवश्यकता है, लेकिन अनेक वाहन चालक इस नियम का खुलेआम उल्लंघन कर रहे हैं। नागरिकों का कहना है कि दुर्घटना, अपराध या अन्य किसी घटना की स्थिति में ऐसे वाहनों की पहचान करना मुश्किल हो सकता है, जिससे सार्वजनिक सुरक्षा पर भी खतरा उत्पन्न होता है। स्थानीय लोगों के अनुसार कई वाहनों पर कमल का चिन्ह, विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतीक तथा फैंसी अक्षरों में लिखे वाहन नंबर दिखाई देते हैं। कुछ मामलों में तो वाहन नंबर की जगह “दादा”, “मामा” और “नाना” जैसे नाम बड़े अक्षरों में लिखे गए हैं। इससे यातायात नियमों की खुली अवहेलना होने का आरोप लगाया जा रहा है। इसके अलावा कई बुलेट और अन्य दोपहिया वाहनों में नियमविरुद्ध मॉडिफाइड साइलेंसर लगाए गए हैं, जिनसे अत्यधिक शोर उत्पन्न हो रहा है। नागरिकों का कहना है कि इससे ध्वनि प्रदूषण बढ़ रहा है और आम लोगों की शांति भंग हो रही है। स्थानीय नागरिकों का सवाल है कि सामान्य लोगों द्वारा यातायात नियमों का उल्लंघन करने पर तुरंत कार्रवाई की जाती है, लेकिन क्या प्रभावशाली व्यक्तियों या राजनीतिक पहचान रखने वालों पर भी उतनी ही सख्ती दिखाई जाती है? इसी कारण लोगों के बीच यह चर्चा तेज हो गई है कि “क्या कानून सबके लिए समान है?” नागरिकों ने वसई यातायात पुलिस, पुलिस प्रशासन और आरटीओ विभाग से संयुक्त अभियान चलाकर फैंसी नंबर प्लेट, राजनीतिक लोगो, अवैध साइलेंसर और बिना नंबर वाले वाहनों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। “यदि कानून वास्तव में सबके लिए समान है, तो नियमों का उल्लंघन करने वालों पर, चाहे वे कितने भी प्रभावशाली क्यों न हों, तत्काल कार्रवाई होनी चाहिए,” ऐसी भावना स्थानीय नागरिकों द्वारा व्यक्त की जा रही है।





