रिपोर्टर – नंदकिशोर मते, अमरावती, महाराष्ट्र :- मानसून का आगमन करीब होने के बावजूद अनकवाड़ी क्षेत्र में नालों की स्थिति अत्यंत दयनीय हो गई है। नालों का अधूरा निर्माण और जमा हुआ कचरा इस क्षेत्र में दुर्गंध फैला रहा है और मच्छरों का प्रकोप बहुत बढ़ गया है। इसके परिणामस्वरूप, स्थानीय लोगों को सचमुच ‘नरक यातना’ सहनी पड़ रही है और स्वास्थ्य को लेकर गंभीर प्रश्न खड़ा हो गया है।पिछले कई महीनों से नालों की साफ-सफाई नहीं हुई है। नालों में प्लास्टिक, कचरा और कीचड़ इतनी बड़ी मात्रा में जमा हो गया है कि पानी की निकासी पूरी तरह बंद हो गई है। कई जगहों पर गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है और घरों के सामने गड्ढे बन गए हैं। इससे डेंगू, मलेरिया और त्वचा रोगों जैसी बीमारियों का डर पैदा हो गया है। विशेष रूप से स्कूली बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों को इसका सबसे अधिक कष्ट उठाना पड़ रहा है। ग्राम पंचायत प्रशासन को बार-बार लिखित आवेदन और शिकायतें देने के बावजूद, ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि संबंधित अधिकारी जानबूझकर इसकी अनदेखी कर रहे हैं। नागरिकों में गहरा असंतोष है और वे कह रहे हैं, “अधिकारी आते हैं, केवल निरीक्षण करके चले जाते हैं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती है।” स्थानीय निवासियों ने यह तीखा सवाल भी उठाया है कि “टैक्स की वसूली तो समय पर की जाती है, फिर मूलभूत सुविधाएं देते समय प्रशासन क्या सो रहा होता है?”







