रिपोर्टर – नजीर मुलाणी, पनवेल, महाराष्ट्र :- पनवेल ग्रामसेवक की बेटी को राष्ट्रीयकृत बैंक में स्थायी नौकरी दिलाने का झांसा देकर 31 लाख 27 हजार रुपये की ठगी करने के आरोप में पनवेल शहर पुलिस ने वसई तालुका में समूह विकास अधिकारी (बीडीओ) के पद पर कार्यरत छत्तरसिंह राजपूत (निवासी मुद्रे, तहसील कर्जत, जिला रायगढ़) को गिरफ्तार किया है। इस घटना के बाद सरकारी अधिकारियों द्वारा नौकरी दिलाने के नाम पर होने वाली धोखाधड़ी की चर्चा पूरे पनवेल क्षेत्र में शुरू हो गई है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी राजपूत और शिकायतकर्ता ग्रामसेवक की पहले से पहचान थी। इसी विश्वास का फायदा उठाते हुए राजपूत ने ग्रामसेवक की बेटी को बैंक में स्थायी नौकरी दिलाने का आश्वासन दिया। शिकायतकर्ता अपनी बेटी की नौकरी के लिए खर्च करने को तैयार था, जिसका लाभ उठाकर आरोपी ने वर्ष 2023 से अब तक अलग-अलग समय पर 31 लाख 27 हजार रुपये अपने बैंक खाते में प्राप्त किए। आरोप है कि राजपूत ने शिकायतकर्ता की बेटी को मुंबई के गोरेगांव स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा की शाखा में प्रशिक्षु (ट्रेनी) के रूप में काम पर लगवाया। कुछ महीने काम करने के बावजूद उसकी स्थायी नियुक्ति नहीं हुई। इसके अलावा तीन वर्षों के दौरान वेतनवृद्धि, भत्ते और अन्य सुविधाएं भी नहीं मिलीं, जिससे उसे संदेह हुआ। इसके बाद युवती ने बैंक ऑफ बड़ौदा के बांद्रा स्थित मुख्य कार्यालय में जानकारी प्राप्त की। वहां से पता चला कि उसके नाम की कोई भी व्यक्ति बैंक की नियमित कर्मचारी सूची में दर्ज नहीं है। यह जानकारी मिलने के बाद शिकायतकर्ता ने आरोपी राजपूत से संपर्क कर स्पष्टीकरण मांगा, लेकिन उसने टालमटोल भरे जवाब दिए। तब शिकायतकर्ता को अपनी आर्थिक ठगी का एहसास हुआ। करंजाडे उपनगर निवासी होने के कारण उन्होंने पनवेल शहर पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की और 15 अगस्त 2026 को छत्तरसिंह राजपूत को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को न्यायालय में पेश किए जाने पर अदालत ने उसे 19 अगस्त 2026 तक पुलिस हिरासत में भेज दिया। पनवेल शहर पुलिस इस मामले की आगे जांच कर रही है तथा यह भी पता लगाया जा रहा है कि आरोपी ने इसी प्रकार अन्य लोगों के साथ भी धोखाधड़ी की है या नहीं।





