रिपोर्टर- रूपाली हटवार, अमरावती, महाराष्ट्र :- शिराला (ता. जिला अमरावती) स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में इस समय गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। यहाँ के ढुलमुल कामकाज के कारण मरीजों को बेवजह मानसिक और शारीरिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शासन की ओर से चौबीसों घंटे स्वास्थ्य सेवाएं देने का नियम होने के बावजूद, यह केंद्र 24 घंटे शुरू नहीं रहने की चौंकाने वाली बात सामने आई है। स्थानीय नागरिकों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर समय पर उपलब्ध नहीं रहते हैं। इस वजह से इलाज के लिए आने वाले मरीजों को घंटों इंतजार करना पड़ता है। मानसून का मौसम होने के कारण मौसमी बीमारियों का प्रमाण बढ़ गया है। ऐसी गंभीर स्थिति में भी अस्पताल तय समय पर नहीं खोला जाता है। परिणामस्वरूप, ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों से आने वाले आम नागरिकों को भारी मानसिक परेशानी सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल खुलने के बाद भी डॉक्टरों की मनमानी जारी ही रहती है। डॉक्टर कभी-कभार ही केंद्र में मौजूद रहते हैं और उसके बाद चाय-नाश्ते का बहाना बनाकर बाहर निकल जाते हैं।चाय-नाश्ते का बहाना बनाकर बाहर निकल जाने के कारण, मरीजों को आधा-अधूरा इलाज छोड़कर फिर से डॉक्टरों का लंबा इंतजार करना पड़ता है, ऐसी शिकायत नागरिकों ने की है। ग्रामीण क्षेत्र के नागरिकों के लिए यह प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बेहद महत्वपूर्ण सहारा है। लेकिन, यहाँ समय पर इलाज न मिलना बेहद गंभीर और चिंताजनक बात बन गई है। इस समस्या को लेकर स्थानीय नागरिकों ने संबंधित अधिकारियों से कई बार लिखित और मौखिक शिकायतें की हैं, लेकिन प्रशासन द्वारा इस पर कोई प्रभावी संज्ञान नहीं लिए जाने का आरोप नागरिकों ने लगाया है।नागरिकों द्वारा यह तीव्र मांग की जा रही है कि वरिष्ठ अधिकारियों को इस पूरे मामले की तुरंत जांच करनी चाहिए, दोषी पाए जाने वाले डॉक्टरों और कर्मचारियों पर सख्त प्रशासनिक कार्रवाई करनी चाहिए, और शिराला प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में नियमित व गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करानी चाहिए। और अस्पताल मैं डॉक्टरों की मनमानी कारभार पर प्रशासन द्वारा जांच की जाये यह स्थानिक नागरिकों की मांग है।







