रिपोर्टर – रुपाली हटवार, अमरावती, महाराष्ट्र :- शिराला की महारुद्र संस्था की ओर से सामाजिक जिम्मेदारी निभाते हुए एक सराहनीय पहल की गई। खरीफ सीजन की पृष्ठभूमि में, गांव के आत्महत्या पीड़ित किसान परिवारों और बेहद जरूरतमंद किसानों को सोयाबीन और कपास के बीजों का मुफ्त वितरण किया गया। इस मदद से आर्थिक संकट में फंसे परिवारों को बड़ा सहारा मिला है।बीज वितरण के इस कार्यक्रम के अवसर पर किसानों के लिए एक विशेष ‘बीज प्रक्रिया व्यावहारिक प्रदर्शन’ (Seed Treatment Demonstration) भी आयोजित किया गया था। इस अवसर पर कृषि विभाग के कृषि सहायक अधिकारी मारोती जाधव ने उपस्थित किसानों को विस्तार से मार्गदर्शन दिया। उन्होंने बेहद सरल भाषा में बहुमूल्य जानकारी दी कि खेती में जोखिम कैसे कम करें, लागत घटाकर उत्पादन कैसे बढ़ाएं और आधुनिक तकनीक का उपयोग कैसे करें। इस कार्यक्रम में गांव के गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति के साथ-साथ महारुद्र संस्था, शिराला के सभी सम्मानित संचालक मंडल, संस्था के सभी सदस्य, गांव के वरिष्ठ नागरिक और बड़ी संख्या में किसान भाई उपस्थित थे.कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए संस्था के कार्यकर्ताओं ने विशेष परिश्रम किया। संकट के समय महारुद्र संस्था द्वारा मदद का हाथ आगे बढ़ाने पर सभी लाभार्थी किसानों ने गहरी संतुष्टि व्यक्त की है। संस्था के इस सराहनीय कार्य के लिए पूरे शिराला गांव की ओर से महारुद्र संस्था का आभार व्यक्त किया जा रहा है।






