रिपोर्टर – नजीर मुलाणी, वसई (पालघर), महाराष्ट्र :- लोकतंत्र का चौथा स्तंभ माने जाने वाले पत्रकार जब निष्पक्ष और निर्भीक होकर जनहित के मुद्दे उठाते हैं, तो कई बार असामाजिक तत्व और कथित दलाल उन्हें धमकाने का प्रयास करते हैं। ऐसे लोगों द्वारा पत्रकारों के कार्य में बाधा डालना न केवल अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला है, बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए भी गंभीर चिंता का विषय है। निर्भीक पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए, धमकी देने वाले और कानून में बाधा उत्पन्न करने वालों के खिलाफ निष्पक्ष जांच कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। पत्रकारों को भयमुक्त वातावरण में अपना दायित्व निभाने का अधिकार मिलना चाहिए।







