रिपोर्टर – रणजीत सिंह, उन्नाव :- जनपद उन्नाव के थाना सागवर क्षेत्र अंतर्गत ग्राम धानीखेड़ा में एक भूतपूर्व सैनिक की भूमि को लेकर विवाद का मामला सामने आया है। भूतपूर्व सैनिक शिव प्रकाश सिंह ने आरोप लगाया है कि कुछ दबंग प्रवृत्ति के लोग उनकी वैध भूमि पर कब्जा करने की नीयत से लगातार शिकायतें कर निर्माण कार्य में बाधा उत्पन्न कर रहे हैं। पीड़ित के अनुसार गाटा संख्या 22 उनके नाम राजस्व अभिलेखों में दर्ज है, जबकि विपक्षी पक्ष अपनी गाटा संख्या 19 का हवाला देकर उनकी भूमि को भी अपना बताने का प्रयास कर रहा है। आरोप है कि प्रशासनिक अधिकारियों को भ्रमित करने के लिए बार-बार शिकायतें की जाती हैं, जिसके कारण उनके निर्माण कार्य को कई बार रुकवाया गया। शिव प्रकाश सिंह का कहना है कि जब भी संबंधित अधिकारियों द्वारा राजस्व अभिलेखों की जांच की जाती है, वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो जाती है और निर्माण कार्य पुनः शुरू करने के निर्देश दिए जाते हैं। इसके बावजूद लगातार की जा रही शिकायतों से उन्हें आर्थिक, मानसिक और शारीरिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। भूतपूर्व सैनिक ने दावा किया कि भूमि पर उनका स्वामित्व राजस्व अभिलेखों तथा सक्षम अधिकारियों के समक्ष स्पष्ट है। उनका आरोप है कि सड़क से सटी होने और भूमि का मूल्य अधिक होने के कारण कुछ लोग उस पर अवैध कब्जा करना चाहते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कथित दबंगों के विरुद्ध पूर्व में विभिन्न आपराधिक मामले दर्ज होने के बावजूद विवाद उत्पन्न करने का प्रयास जारी है। देश की सेवा कर चुके शिव प्रकाश सिंह ने बताया कि सेवानिवृत्ति के बाद वह अपने परिवार के साथ शांतिपूर्ण जीवन व्यतीत करना चाहते हैं, लेकिन लगातार हो रहे विवादों और दबाव के कारण उनका परिवार भय और असुरक्षा के माहौल में जीने को मजबूर है। उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की भूमाफियाओं और अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति पर भरोसा जताते हुए मामले में हस्तक्षेप की मांग की है। साथ ही जिला प्रशासन से अनुरोध किया है कि राजस्व अभिलेखों के आधार पर वास्तविक स्थिति स्पष्ट कर भ्रामक शिकायतों पर रोक लगाई जाए तथा दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए। भूतपूर्व सैनिक ने स्थानीय प्रशासन और पुलिस की कार्यशैली की सराहना करते हुए कहा कि अधिकारियों की सतर्कता के कारण अब तक सत्य सामने आता रहा है और उनका वैध निर्माण कार्य आगे बढ़ सका है। उन्होंने शासन-प्रशासन से मामले का स्थायी समाधान कर भूमि, निर्माण कार्य एवं परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।






