रिपोर्टर – रणजीत सिंह, रायबरेली :- राष्ट्रव्यापी दवा व्यापार बंद का असर शुक्रवार को रायबरेली में भी व्यापक रूप से देखने को मिला। ऑनलाइन दवा बिक्री और अवैध ई-फार्मेसी के विरोध में जिलेभर के मेडिकल स्टोर, थोक दवा विक्रेता और दवा बाजार पूरी तरह बंद रहे। बंदी के चलते कई स्थानों पर दवा खरीदने पहुंचे लोगों को परेशानियों का सामना भी करना पड़ा। रायबरेली केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के नेतृत्व में दवा व्यापारियों ने ऑनलाइन दवा बिक्री के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। व्यापारियों का कहना है कि बिना उचित जांच और नियमों के ऑनलाइन दवाओं की बिक्री से नकली दवाओं का कारोबार बढ़ रहा है, जिससे लोगों की सेहत खतरे में पड़ सकती है। एसोसिएशन पदाधिकारियों ने सांसद Rahul Gandhi और प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी सरनीत कौर को सौंपा। ज्ञापन में ऑनलाइन दवा बिक्री पर सख्त नियंत्रण लगाने, अवैध ई-फार्मेसी पर रोक लगाने तथा नकली दवाओं के कारोबार पर कठोर कार्रवाई की मांग की गई। व्यापारियों ने एंटीबायोटिक दवाओं के बढ़ते दुरुपयोग पर भी चिंता व्यक्त की। उनका कहना है कि बिना डॉक्टर की सलाह के ऑनलाइन माध्यम से आसानी से दवाएं उपलब्ध होने से एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस जैसी गंभीर समस्याएं बढ़ रही हैं। रायबरेली केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया तो भविष्य में आंदोलन और तेज किया जाएगा। ज्ञापन सौंपने के दौरान बड़ी संख्या में दवा व्यापारी और एसोसिएशन पदाधिकारी मौजूद रहे।




