रिपोर्टर : मनीष कौशिक, नारनौल, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के कुशल नेतृत्व और दूरदर्शी विजन के परिणाम स्वरूप महेंद्रगढ़ जिले में जल प्रबंधन के क्षेत्र में ऐतिहासिक कार्य हुए हैं। सिंचाई विभाग के प्रयासों से दशकों से क्षेत्र के किसानों के जीवन में खुशहाली का नया संचार किया है। मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग द्वारा विभिन्न प्रकार के प्रयासों से असंभव को संभव कर दिखाया है। जिले की जीवनदायिनी मानी जाने वाली कृष्णावती और दोहान नदियों को नहर के पानी से पुनर्जीवित किया गया है। इस परियोजना के तहत आज 32 चिन्हित स्थानों के माध्यम से लगभग 500 क्यूसेक पानी इन नदियों में साल में 90 दिनों से अधिक समय तक 80 किलोमीटर की लंबाई में लगातार बहता है। इससे प्रतिवर्ष 31,200 एकड़ फुट भूजल का पुनर्भरण हो रहा है। मुख्यमंत्री के जल संचयन के संकल्प को धरातल पर उतारते हुए प्रशासन ने पंचायत की अतिरिक्त भूमि का उपयोग कर 325 तालाबों को रिचार्जिंग केंद्रों में बदला है। इससे सालाना 66,228 एकड़ फुट पानी जमीन के भीतर वापस जा रहा है। उपायुक्त कैप्टन मनोज कुमार ने बताया कि भविष्य की चुनौतियों को देखते हुए बाढ़ के दौरान यमुना के अतिरिक्त पानी को सहेजने के लिए 25 पक्के जलाशयों का निर्माण कार्य भी प्रगति पर है, जो 8,300 एकड़ फुट पानी के भंडारण के साथ सिंचाई की व्यवस्था को और सुदृढ़ करेगा। इन संयुक्त प्रयासों का ही परिणाम है कि वर्ष 2024-25 के आंकड़ों के अनुसार जिले की 138 ग्राम पंचायतों में भूजल स्तर में भारी सुधार दर्ज किय









