रिपोर्टर:- नजीर मुलाणी, सिटी- वसई (पालघर) /राज्य -महाराष्ट्र:- लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में जानी जाने वाली पत्रकारिता का मुख्य दायित्व सत्य को जनता के सामने लाना है। समाजहित के मुद्दों को उठाना, प्रशासन का ध्यान आकर्षित करना और आम नागरिकों की समस्याओं को सामने रखना एक पत्रकार का कर्तव्य होता है। लेकिन जब कोई पत्रकार दस्तावेजों, तथ्यों और उपलब्ध प्रमाणों के आधार पर किसी मामले को प्रकाशित करता है, तब कुछ स्वार्थी तत्वों को यह असहज लग सकता है—ऐसी भावना कई पत्रकार व्यक्त करते हैं। समाज में अक्सर देखा जाता है कि किसी निर्माण परियोजना या सार्वजनिक हित के मुद्दे पर सवाल उठते ही कुछ लोग संबंधित पक्ष के समर्थन में सक्रिय हो जाते हैं। तब समाचार में उठाए गए मुद्दों पर चर्चा करने के बजाय खबर प्रकाशित करने वाले पत्रकार को ही निशाना बनाया जाता है। उसके इरादों पर सवाल उठाए जाते हैं, उसकी छवि धूमिल करने का प्रयास किया जाता है और विभिन्न स्तरों पर दबाव का वातावरण बनाया जाता है। पत्रकार द्वारा उठाए गए प्रश्न सही हैं या गलत, इस पर चर्चा करने के बजाय “हमारे पक्ष में खबर लिखे तो अच्छा पत्रकार और हमारे खिलाफ खबर लिखे तो बुरा पत्रकार” जैसी मानसिकता कुछ स्थानों पर दिखाई देती है। सत्य कितना भी कड़वा क्यों न हो, उसे स्वीकार करने के बजाय दबाने की कोशिश की जाती है। कुछ लोग अपनी गलतियों को छिपाने के लिए अफवाहें, दुष्प्रचार और भ्रामक जानकारी फैलाने का सहारा लेते हैं। परिणामस्वरूप मूल मुद्दा पीछे छूट जाता है और व्यक्तिगत हमले शुरू हो जाते हैं। पत्रकारिता का मूल्य किसी के पक्ष या विपक्ष में खड़े होने में नहीं, बल्कि सत्य के पक्ष में खड़े होने में है। पत्रकार का कार्य किसी को जानबूझकर बदनाम करना नहीं, बल्कि जनता के सामने वास्तविक स्थिति प्रस्तुत करना है। यदि कोई समाचार तथ्यात्मक रूप से गलत है, तो उसका तथ्यात्मक खंडन किया जा सकता है; लेकिन व्यक्तिगत आलोचना, दबाव या बदनामी अभियान लोकतांत्रिक तरीका नहीं माना जा सकता। इतिहास गवाह है कि सत्य बोलने वालों को अक्सर विरोध का सामना करना पड़ा है। फिर भी सत्य को हमेशा के लिए छिपाया नहीं जा सकता। इसलिए पत्रकार को निर्भीकता, निष्पक्षता और जनहित को सर्वोपरि रखते हुए अपना कार्य जारी रखना चाहिए। समाज के प्रत्येक वर्ग को यह समझना चाहिए कि पत्रकार किसी समूह या लॉबी का नहीं होता, बल्कि जनता का होता है। अच्छा काम हो तो उसकी सराहना और गलत काम हो तो उस पर सवाल उठाना ही सच्ची पत्रकारिता है। लोकतंत्र को मजबूत बनाए रखने के लिए सत्य को स्वीकार करना और आलोचना का सम्मान करना उतना ही आवश्यक है।
ग्रेटर नोएडा: सीएम योगी ने UPITS-2026 की तैयारियों की समीक्षा की, सुरक्षा और सुविधाओं को लेकर दिए निर्देश|
रिपोर्टर: रणजीत सिंह ग्रेटर नोएडा:- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को गौतमबुद्ध नगर के ग्रेटर नोएडा में आयोजित होने वाले यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो (UPITS)-2026 की तैयारियों की समीक्षा की।…
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