रिपोर्टर – रुपाली हटवार, अमरावती, महाराष्ट्र :- हिंदू संस्कृति में महिलाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण और पवित्र माना जाने वाला वटपूर्णिमा का त्योहार पूरे महाराष्ट्र सहित अमरावती तालुका के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर मनाया गया। तालुका में विभिन्न स्थानों पर सुहागिन महिलाओं ने अपने पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन के लिए बरगद के पेड़ की श्रद्धापूर्वक पूजा की। वटपूर्णिमा का यह त्योहार अत्यंत उत्साह, भक्ति और खुशी के माहौल में मनाया गया। अमरावती तालुका के ग्राम शिराला में सुहागिन महिलाओं ने वटपूर्णिमा के अवसर पर एक साथ आकर वटपूजन का सामूहिक उत्सर उनक सुबह ही पारंपरिक वेशभूषा पहनकर महिलाओं ने बरगद के पेड़ की पूजा की। इस अवसर पर महिलाओं ने प्रार्थना की कि ‘पति को लंबी उम्र मिले और हमारा संसार (घर-परिवार) सुख का हो।’वटपूर्णिमा के दिन ग्राम शिराला और आसपास के क्षेत्र में महिलाओं का उत्साह उमड़ रहा था। सुहागिन महिलाओं ने पारंपरिक नौवारी (नौ गज़ की) और काठपदर (विशेष किनारी वाली) साड़ियाँ पहनी थीं। नाक में नथ, हाथों में हरी चूड़ियाँ और पारंपरिक आभूषण पहनकर व सोलह श्रृंगार करके महिलाओं ने बरगद के पेड़ के चारों ओर सूती धागा लपेटकर, श्रद्धापूर्वक परिक्रमा (फेरे) की और वटपूजन करके भक्तिभाव व आनंद से पूजा की। इस त्योहार के कारण पूरे ग्राम शिराला और आसपास के क्षेत्र की महिलाओं ने भक्तिमय और उत्साह के साथ वटपूर्णिमा का यह त्योहार मनाया।






