रिपोर्टर – नजीर मुलाणी, वसई पालघर, महाराष्ट्र :- वसई में भ्रष्टाचार के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) लगातार सख्त कार्रवाई कर रही है। एक महीने पहले वसई तहसीलदार कार्यालय में अपर तहसीलदार के सहायक को रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़ने के बाद अब ACB ने न्यायालय परिसर में बड़ी कार्रवाई करते हुए सरकारी वकील को 25 हजार रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई से पूरे वसई में सनसनी फैल गई है। गिरफ्तार सरकारी वकील का नाम भूपेश पुरंदरे (54) बताया गया है। इस घटना ने सरकारी कार्यालयों के साथ-साथ न्याय व्यवस्था में भी फैले भ्रष्टाचार को उजागर कर दिया है। आम जनता में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि न्याय दिलाने वाली व्यवस्था में भी रिश्वत के बिना काम नहीं हो रहा। सूत्रों के अनुसार, आरोपियों के जमानत संबंधी रिपोर्ट को कोर्ट में पेश करने के लिए सरकारी वकील की स्वीकृति और हस्ताक्षर जरूरी होते हैं। इसी प्रक्रिया में कथित तौर पर पैसों की मांग की जाती थी। कई लोगों ने पहले भी इस प्रकार की शिकायतें की थीं, लेकिन इस बार ACB ने सीधे जाल बिछाकर भ्रष्टाचार का पर्दाफाश कर दिया। मामला एक प्रॉपर्टी रिटर्न केस से जुड़ा बताया जा रहा है, जिसमें “सेस रिपोर्ट” देने के बदले 25 हजार रुपये की रिश्वत मांगी गई थी। मुंबई हाईकोर्ट की अधिवक्ता नीलम पांचाळ ने अपने आशिल की ओर से ठाणे एंटी करप्शन विभाग में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत की पुष्टि होने के बाद ACB टीम ने वसई न्यायालय परिसर में सटीक प्लानिंग के साथ ट्रैप लगाया। गुरुवार दोपहर करीब 1 बजे ACB अधिकारियों ने सरकारी वकील भूपेश पुरंदरे को रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ दबोच लिया। कार्रवाई के बाद आरोपी को आगे की जांच और कानूनी प्रक्रिया के लिए वसई पुलिस थाने ले जाया गया।
लगातार हो रही ACB की कार्रवाइयों ने साफ कर दिया है कि वसई में भ्रष्टाचार की जड़ें कितनी गहरी हो चुकी हैं। अब सवाल यह उठ रहा है कि आखिर आम नागरिक न्याय और सरकारी कामकाज के लिए किस पर भरोसा करे?
“वसई में ACB का सर्जिकल स्ट्राइक — घूसखोरों पर लगातार गिर रही भ्रष्टाचार विरोधी कार्रवाई की गाज!”





