लोकसेवा और विकास के प्रति समर्पित नेतृत्व : श्री योगेंद्रजी गोडे

रिपोर्टर – नंदकिशोर मते, अमरावती, महाराष्ट्र :- वर्धा जिले के खरांगणा गोडे जैसी स्वतंत्रता आंदोलन की प्रेरणादायी भूमि में 25 मई 1968 को जन्मे इंदिरा बहुउद्देश्यीय शिक्षण संस्था के अध्यक्ष श्री योगेंद्रजी गोडे आज सामाजिक प्रतिबद्धता, विकासशील दृष्टिकोण और जनहितकारी नेतृत्व के प्रभावी प्रतीक के रूप में पहचाने जाते हैं। महात्मा गांधी के विचारों से प्रभावित वातावरण, राजनीति और समाजसेवा की पारिवारिक विरासत तथा स्वर्गीय डॉ. राजेंद्रजी गोडे के अनुशासित और वैज्ञानिक संस्कारों ने उनके व्यक्तित्व को आकार दिया। नागपुर में प्राथमिक, बुलढाणा में माध्यमिक तथा छत्रपती संभाजीनगर में उच्च शिक्षा पूर्ण करने के बाद उन्होंने लोकसेवा का मार्ग चुना। समाज के वंचित और कमजोर वर्गों के लिए कार्य करने की प्रेरणा तथा सार्वजनिक जीवन में ईमानदारी के कारण उन्होंने कम आयु में ही सक्रिय राजनीति में प्रवेश किया। मात्र 22 वर्ष की आयु में डोंगर खंडाळा जिला परिषद निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव जीतकर उन्होंने अपने प्रभावी नेतृत्व की पहचान बनाई। लगातार दो बार जिला परिषद सदस्य निर्वाचित होकर उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में मृदा संरक्षण, सड़क, जलसंधारण, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किए। व्यापक जनसंपर्क, संगठन कौशल और जनहितकारी कार्यपद्धति के कारण उनका नेतृत्व लगातार मजबूत होता गया। भारतीय जनता पार्टी की विचारधारा को ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुँचाने के लिए उन्होंने गांव-गांव में संगठन खड़ा कर पार्टी को मजबूत आधार प्रदान किया। वर्तमान में वे प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य तथा बुलढाणा विधानसभा क्षेत्र प्रमुख के रूप में कार्यरत हैं। कृषि और किसानों के विकास के प्रति उनकी विशेष प्रतिबद्धता के कारण उन्हें डॉ. पंजाबराव देशमुख कृषि विश्वविद्यालय की कार्यकारी परिषद में कार्य करने का अवसर मिला। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के उद्देश्य से उन्होंने डेयरी उद्योग की स्थापना की। “सुप्रभात डेयरी” के माध्यम से मोताला क्षेत्र के अनेक किसानों की आर्थिक उन्नति को नई दिशा मिली। शिक्षा क्षेत्र में उनका योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है। बुलढाणा जिले में महिलाओं की शिक्षा की दयनीय स्थिति को देखते हुए मातोश्री उषाताई गोडे द्वारा स्थापित इंदिरा बहुउद्देशीय शिक्षण संस्था को आगे बढ़ाने का कार्य श्री योगेंद्रजी गोडे ने सफलतापूर्वक किया। उनके नेतृत्व में संस्था ने प्राथमिक से उच्च शिक्षा तक, चिकित्सा, अभियांत्रिकी, कृषि, नर्सिंग और फार्मेसी जैसे अनेक व्यावसायिक पाठ्यक्रम शुरू किए। बुलढाणा, मलकापुर और अमरावती में हजारों विद्यार्थियों को शिक्षा, रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने में संस्था ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
आध्यात्मिक और सांस्कृतिक मूल्यों के माध्यम से समाज को सकारात्मक दिशा मिल सकती है, इस पर उनका दृढ़ विश्वास है। ग्रामीण युवाओं को चरित्रवान, नशामुक्त और संस्कारित बनाने के उद्देश्य से उन्होंने अनेक सामाजिक और आध्यात्मिक उपक्रम चलाए। गांव-गांव में भजन सामग्री वितरण, कीर्तन-प्रवचन आयोजन, संत साहित्य का प्रचार तथा सांस्कृतिक कार्यक्रमों में सक्रिय सहभाग के माध्यम से उन्होंने समाज जागरण का कार्य किया है। राजूर स्थित शिवमंदिर में आयोजित श्रावण मास के शिवभक्ति भंडारा महोत्सव में हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति उनके धार्मिक और सामाजिक जुड़ाव को दर्शाती है। देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले सैनिकों तथा अन्नदाता किसानों के प्रति उनका सम्मान अनेक सामाजिक कार्यों में दिखाई देता है। पूर्व सैनिकों का सम्मान, शहीद जवानों के परिवारों का सत्कार तथा आत्महत्या प्रभावित किसानों के बच्चों की शिक्षा हेतु आर्थिक सहायता जैसे उपक्रमों के माध्यम से उन्होंने संवेदनशील नेतृत्व की पहचान बनाई है। जरूरतमंद मरीजों के लिए निःशुल्क स्वास्थ्य जांच एवं उपचार शिविर आयोजित कर उन्होंने स्वास्थ्य सेवा को भी प्राथमिकता दी है। स्वर्गीय डॉ. राजेंद्रजी गोडे का सपना था कि जरूरतमंद मरीजों को आधुनिक चिकित्सा सुविधाएँ उपलब्ध हों। इस स्वप्न को साकार करने के लिए श्री योगेंद्रजी गोडे ने अथक परिश्रम करते हुए अमरावती में अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त मेडिकल कॉलेज और अस्पताल की स्थापना की। यह संस्था आज केवल विदर्भ ही नहीं, बल्कि पूरे राज्य के लिए गौरव का विषय बन चुकी है। यहाँ मेडिकल तथा पोस्ट ग्रेजुएट कोर्सेस भी उपलब्ध है।
राजनीति, शिक्षा, समाजसेवा और अध्यात्म जैसे विविध क्षेत्रों में सक्रिय रहते हुए भी उन्होंने संवेदनशीलता और मानवीयता को सदैव बनाए रखा है। जनता के सुख-दुःख में सहभागी होना, सहकर्मियों को प्रोत्साहित करना और परिवारवत आत्मीयता से सबकी चिंता करना उनके व्यक्तित्व की विशेष पहचान है। सामाजिक प्रतिबद्धता और विकास के संकल्प का सुंदर समन्वय उनके कार्यों में निरंतर दिखाई देता है। उनके जन्मदिन के अवसर पर उन्हें उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और उज्ज्वल भविष्य की हार्दिक शुभकामनाएँ। ईश्वर से प्रार्थना है कि उनके सभी विकासात्मक संकल्प सफल हों और समाजसेवा का उनका यह प्रेरणादायी प्रवास निरंतर आगे बढ़ता रहे।

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