रिपोर्टर – नजीर मुलाणी, वसई पालघर, महाराष्ट्र :- वसई तालुका में प्राकृतिक संसाधनों की हो रही लूट और प्रशासन की नजरों के सामने जारी अवैध मिट्टी-डेब्रिज भराव के विरोध में 25 अप्रैल 2026 को प्रस्तावित विशाल जनआंदोलन फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। सामाजिक कार्यकर्ता एलायस डिसिल्वा के नेतृत्व में तहसील कार्यालय के सामने होने वाले इस आंदोलन को देखते हुए तहसीलदार दीपक गायकवाड ने आंदोलकों के शिष्टमंडल को 23 अप्रैल को सुबह 11 बजे चर्चा के लिए आमंत्रित किया था। इस बैठक में तहसीलदार ने विभिन्न मुद्दों पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए लिखित आश्वासन देने की सहमति जताई, जिसके बाद आंदोलकों ने अपना आंदोलन स्थगित करने का निर्णय लिया। बैठक में वसई के जलभराव क्षेत्रों में हो रहे अवैध भराव का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। इस पर तहसीलदार दीपक गायकवाड ने स्पष्ट किया कि अब तक जिन-जिन स्थानों पर भराव को लेकर नोटिस जारी किए गए हैं, उन सभी मामलों में चरणबद्ध तरीके से सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही पर्यावरण संरक्षण के लिए जलभराव और मैंग्रोव क्षेत्र वाली जमीनों को 7/12 अभिलेख में वन विभाग को हस्तांतरित करते समय “मैंग्रोव” का स्पष्ट उल्लेख किया जाएगा। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि महापालिका प्रशासन से अपेक्षित सहयोग और पर्याप्त यंत्रणा न मिलने के कारण कुछ सीमाएं आती हैं, लेकिन 7/12 पर बोजा चढ़ाकर संबंधित दोषियों से दंड वसूली की प्रक्रिया सख्ती से लागू की जाएगी। आंदोलकों ने इस दौरान राजस्व विभाग के कुछ अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। शिकायत मिलने के बावजूद मंडल अधिकारी और तलाठी कार्रवाई नहीं कर रहे हैं, इस ओर ध्यान दिलाए जाने पर तहसीलदार ने ऐसे कर्मचारियों की जांच कर अनुपालन भंग की नोटिस जारी करने की बात कही। साथ ही नागरिकों से ऐसे मामलों में सीधे उनसे संपर्क करने का आवाहन भी किया गया। विशेष रूप से नालासोपारा-अचोले के सर्वे नंबर 46 में 99,000 ब्रास भराव के चर्चित मामले पर चर्चा करते हुए उन्होंने नई मापणी कर उचित दंड लगाने और काम तत्काल रोकने का आश्वासन दिया। नायगांव पूर्व और पश्चिम क्षेत्र में मैंग्रोव नष्ट कर बनाए गए अवैध पार्किंग स्थल की जांच कर उसे शासन जमा करने की मांग भी स्वीकार की गई। प्रशासनिक देरी पर बोलते हुए तहसीलदार गायकवाड ने महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत दिया। शिकायत मिलने के बाद कार्रवाई में लगने वाले 3-4 महीनों के विलंब को कम कर आगे से 10 दिनों के भीतर शिकायतों का निपटारा करने का प्रयास किया जाएगा। “इतिहास में क्या हुआ इससे अधिक मुझे एक मौका दें, मैं उचित कार्रवाई करके दिखाऊंगा,” ऐसा भावुक आवाहन करते हुए उन्होंने आंदोलकों से सहयोग की अपील की। इन सभी मांगों पर लिखित आश्वासन देने की सहमति मिलने के बाद 25 अप्रैल को प्रस्तावित आंदोलन फिलहाल वापस लेने का निर्णय लिया गया। इस शिष्टमंडल में एलायस डिसिल्वा के साथ मैकेंज़ी डाबरे, रॉबर्ट लोपीस, डेनिस डिमेंटो और जेम्स घोन्साल्विस सहित प्रमुख कार्यकर्ता शामिल थे। अब इन आश्वासनों के अमल पर पूरे वसईकरों की नजरें टिकी हुई हैं।




