रिपोर्टर – संजय पुरी, पठानकोट जिले के जुगियाल क्षेत्र से एक अहम और सकारात्मक खबर सामने आई है। रंजीत सागर डैम (RSD) कॉलोनी, जो कई वर्षों से खराब हालत में पड़ी थी, अब राज्य स्तर पर गंभीरता से उठाया गया मुद्दा बन चुकी है। एडवोकेट दानिश महाजन द्वारा दायर शिकायत पर पंजाब राज्य मानवाधिकार आयोग ने संज्ञान लेते हुए DC पठानकोट से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। एडवोकेट दानिश महाजन, जो पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में प्रैक्टिस करते हैं और जुगियाल के निवासी हैं, ने 09 जनवरी 2026 को आयोग में शिकायत दायर की। शिकायत में बताया गया कि डैम परियोजना पूरी होने के बाद कॉलोनी को लगभग छोड़ दिया गया। वर्षों से वहां नियमित रखरखाव नहीं हुआ। कई मकान जर्जर हो चुके हैं, दीवारों और छतों में दरारें हैं, सीढ़ियां टूटी हुई हैं और कई जगह गिरने का खतरा बना हुआ है। कॉलोनी में पानी, बिजली, सफाई और सुरक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी है। खाली पड़े मकानों में असामाजिक गतिविधियों की आशंका भी बनी रहती है। आसपास के लोगों के लिए यह स्थिति चिंता का कारण है, क्योंकि यह सीधे तौर पर उनकी सुरक्षा और जीवन से जुड़ा मुद्दा है इससे पहले भी 13 अप्रैल 2025 को दानिश महाजन ने मुख्यमंत्री पंजाब और संबंधित विभागों को लिखित रूप से इस समस्या की जानकारी दी थी और कॉलोनी के निरीक्षण व सुधार की मांग की थी। लेकिन जब उस पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तब उन्होंने मानवाधिकार आयोग में औपचारिक शिकायत दायर की। आयोग द्वारा DC पठानकोट से रिपोर्ट मांगना इस बात का संकेत है कि अब प्रशासन को इस मामले में स्पष्ट जवाब देना होगा। यदि आगे सख्त निर्देश जारी होते हैं, तो कॉलोनी के सुधार, सुरक्षा व्यवस्था और जिम्मेदारी तय करने की दिशा में ठोस कार्रवाई हो सकती है। स्थानीय लोगों में इस पहल को लेकर उम्मीद जगी है। लोगों का कहना है कि लंबे समय से यह समस्या बनी हुई थी, लेकिन पहली बार किसी ने इसे कानूनी और संवैधानिक स्तर पर मजबूती से उठाया है।
एडवोकेट दानिश महाजन क्षेत्र के सामाजिक मुद्दों पर सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं। उनके पिता श्री विपिन महाजन, जो भारतीय जनता पार्टी से जुड़े हुए हैं, भी वर्षों से समाजसेवा और जनहित के कार्यों में लगे हुए हैं। परिवार की यही सोच इस पहल में भी साफ दिखाई देती है, जहां सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा और लोगों के हित को प्राथमिकता दी गई है।अब सबकी नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर है। अगर सही दिशा में कदम उठाए जाते हैं, तो RSD कॉलोनी का पुनरुद्धार संभव है और यह पहल जुगियाल क्षेत्र के लिए एक नई शुरुआत साबित हो सकती है।







