रिपोर्टर- नजीर मुलाणी, दहिवडी, महाराष्ट्र :- सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर 10 लाख रुपये की ठगी करने वाला और पिछले पाँच महीनों से फरार चल रहा शातिर आरोपी आखिरकार म्हसवड पुलिस के हत्थे चढ़ गया है। सहायक पुलिस निरीक्षक अक्षय सोनवणे और उनकी टीम ने तकनीकी विश्लेषण व गहन जांच के आधार पर मुंबई के कुर्ला पश्चिम इलाके से आरोपी को बड़ी शातिराना तरीके से गिरफ्तार किया है। पूरी घटना का विवरण : फरियादी जयवंत राजाराम घाडगे (निवासी – माळशिरस, जिला सोलापुर) ने दिनांक 22 अगस्त 2025 को म्हसवड पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि आरोपी जोतीराम बालमुकुंद काटकर ने उनकी बेटी को सरकारी नौकरी दिलाने का भरोसा दिलाकर 10 लाख रुपये की ठगी की। आरोपी ने खुद को मंत्रालय में कार्यरत बताते हुए फरियादी का विश्वास जीता और एक वर्ष तक झूठे वादे कर रकम ऐंठ ली। मामला दर्ज होने के बाद से आरोपी लगातार पुलिस को चकमा देकर फरार था। पिछले पाँच महीनों से उसका कोई ठोस सुराग नहीं मिल पा रहा था। लेकिन पुलिस ने हार नहीं मानी। तकनीकी विश्लेषण, रिश्तेदारों व मित्रों से पूछताछ और सघन जांच के बाद पुलिस को पुख्ता जानकारी मिली कि आरोपी मुंबई के कुर्ला पश्चिम इलाके में छिपा हुआ है। सूचना मिलते ही सहायक पुलिस निरीक्षक अक्षय सोनवणे ने तत्काल एक विशेष टीम गठित की और कुर्ला पश्चिम, मुंबई में दबिश देकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने अपना अपराध कबूल कर लिया है।
आरोपी को आज माननीय म्हसवड न्यायालय में पेश किया गया, जहां अदालत ने 4 दिनों की पुलिस कस्टडी रिमांड मंजूर की है। आरोपी का विवरण : नाम – जोतीराम बालमुकुंद काटकर, उम्र – 41 वर्ष, मूल निवासी – वडजल, तालुका माण, जिला सातारा, वर्तमान निवास – मुंबई, इस सराहनीय कार्रवाई में शामिल पुलिस टीम : यह कार्रवाई सातारा जिला पुलिस अधीक्षक श्री तुषार दोशी, अपर पुलिस अधीक्षक वैशाली कडूकर तथा उपविभागीय पुलिस अधिकारी रणजीत सावंत के मार्गदर्शन में की गई। अभियान का नेतृत्व सहायक पुलिस निरीक्षक अक्षय सोनवणे ने किया। उनके साथ पुलिस हवलदार देवानंद खाडे, पुलिस कॉन्स्टेबल नवनाथ शिरकुळे और पुलिस कॉन्स्टेबल अनिल वाघमोडे शामिल थे। सरकारी नौकरी के नाम पर ठगी करने वालों के खिलाफ म्हसवड पुलिस की यह कार्रवाई आम जनता के लिए एक सख्त संदेश है।







