रिपोर्टर दीपक राज पंजाब 1988 की तबाही के बाद से सबसे भीषण बाढ़ से जूझ रहा है। यहां 3 लाख एकड़ कृषि भूमि पर लगी फसलें पहले ही बर्बाद हो चुकी हैं और 1,018 गांव जलमग्न हैं। 11300 लोगों को बचाया गया है और 4,700 लोगों को बाढ़ग्रस्त घरों और गांवों से निकाला गया है। पंजाब में करीब चार दशक यानी 1988 के बाद सबसे भयानक बाढ़ आई है। इस बाढ़ से 3 लाख एकड़ में फसलें बर्बाद हो गई हैं। 1,018 गांव पानी में डूब गए हैं। अब तक 11300 लोगों को बचाया गया है और 4,700 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश के कारण सतलुज, ब्यास और रावी नदियां उफान पर हैं। बाढ़ के कारण गुरदासपुर, अमृतसर, तरनतारन, फिरोजपुर, पठानकोट, फाजिल्का, कपूरथला और होशियारपुर जिलों में भारी नुकसान हुआ है। इस बाढ़ में तीन लोगों की जान चली गई है। राहत और बचाव कार्य के लिए आर्मी, एयर फोर्स, बीएसफ, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और पंजाब पुलिस की टीमें काम कर रही हैं।







