
रिपोर्टर नजीर मुलाणी वसई क्षेत्र की प्रभावशाली राजनीतिक ताकत मानी जाने वाली बहुजन विकास आघाड़ी (बविआ) को उस समय बड़ा झटका लगा जब पार्टी के वरिष्ठ नेता तथा शेषवंशीय भंडारी समाज संस्था के अध्यक्ष श्री . नितीन ठाकुर ने मंगलवार को मुंबई में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में आधिकारिक रूप से प्रवेश किया। इस अवसर पर भाजपा के महाराष्ट्र प्रदेशाध्यक्ष रविंद्र चव्हाण की उपस्थिति रही। नितीन ठाकुर के साथ दोन्हो बेटे श्री . सिद्धांत नितीन ठाकूर – संस्थापक अध्यक्ष – शिव साम्राज्य संस्था ) , श्री . यशोधन नितीन ठाकुर और भी उनके सैकड़ों समर्थक एवं कार्यकर्ता भी भाजपा में शामिल हुए। इस सामूहिक प्रवेश ने वसई और नायगांव क्षेत्र की राजनीति में खलबली मचा दी है। पिछले कुछ महीनों से ठाकुर के भाजपा में शामिल होने की चर्चाएँ जोरों पर थीं। अंततः उन्होंने बहुजन विकास आघाड़ी को अलविदा कह ही दिया। नितीन ठाकुर ने मीडिया से बातचीत में कहा: “पार्टी के अंदर जारी घुटन, नेतृत्व की कमजोरी और बढ़ती गुटबाजी ने हमें अंदर से तोड़ दिया था। ऐसे माहौल में काम करना मुश्किल हो गया था। पार्टी के भीतर आपसी संवाद टूट गया था और सीनियर नेताओं को भी सौतेला व्यवहार मिल रहा था।” उन्होंने बताया कि “पिछले 30 से 35 वर्षों से मैंने बविआ की मजबूती के लिए दिन-रात मेहनत की, अनेक चुनावों में पार्टी के लिए काम किया, लेकिन हाल के दिनों में पार्टी नेतृत्व और पदाधिकारियों से संवाद पूरी तरह टूट गया। मेरे जैसे निष्ठावान कार्यकर्ताओं की अनदेखी शुरू हो गई थी। इसीलिए मैंने भाजपा में जाने का निर्णय लिया।” नितीन ठाकुर के इस फैसले से बहुजन विकास आघाड़ी में जारी अंदरूनी कलह अब खुलकर सामने आ गई है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि “पार्टी का नेतृत्व अब कमजोर और बिना दिशा वाला बन चुका है। गुटबाजी और व्यक्तिगत स्वार्थ के चलते पुराने निष्ठावान कार्यकर्ताओं को किनारे किया जा रहा है।” राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, ठाकुर का भाजपा में प्रवेश आगामी विधानसभा और स्थानिक चुनावों के मद्देनजर बेहद अहम माना जा रहा है। उन्होंने वर्षों तक वसई, नायगांव, और आसपास के क्षेत्रों में एक मजबूत कार्यकर्ता वर्ग खड़ा किया है। ऐसे में बहुजन विकास आघाड़ी को इन इलाकों में बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ सकता है। विशेष रूप से पश्चिम पट्टी के कई प्रभागों में ठाकुर की पकड़ मजबूत मानी जाती है, और अब जब वे भाजपा में शामिल हो गए हैं, तो बविआ को इस क्षेत्र में कड़ी टक्कर मिलने की पूरी संभावना है।







