रिपोर्टर – शैलेश, उन्नाव :- उन्नाव जनपद के थाना क्षेत्र अंतर्गत जमीपुर (गढ़ी) गांव में आए तेज तूफान, ओलावृष्टि और भारी बारिश ने ग्रामीण इलाके में भारी तबाही मचा दी। अचानक बदले मौसम और तेज हवाओं ने गांव में दहशत का माहौल पैदा कर दिया। इस प्राकृतिक आपदा में गांव निवासी श्री भानु प्रताप सिंह का बड़ा नुकसान हुआ, जब उनकी बाग में लगा वर्षों पुराना विशाल आम का पेड़ तेज आंधी के चलते जड़ से उखड़कर सीधे उनके मकान और पास खड़े कृषि यंत्रों पर जा गिरा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार तूफान इतना तेज था कि कुछ ही मिनटों में कई पेड़ धराशायी हो गए और ग्रामीणों को अपनी जान बचाने के लिए सुरक्षित स्थानों की ओर भागना पड़ा। इसी दौरान भानु प्रताप सिंह के घर के पास स्थित विशाल आम का पेड़ अचानक जोरदार आवाज के साथ गिर पड़ा। पेड़ का भारी हिस्सा सीधे मकान की छत पर आ गिरा, जिससे मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीण तुरंत घटनास्थल की ओर दौड़े और राहत कार्य शुरू किया। बताया जा रहा है कि पेड़ गिरने से मकान की दीवारों में बड़ी दरारें आ गईं, छत टूट गई और घर के कई हिस्से मलबे में तब्दील हो गए। घर में रखा घरेलू सामान भी बुरी तरह नष्ट हो गया। राहत की बात यह रही कि घटना के समय परिवार के सदस्य सुरक्षित बाहर निकल आए, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई। भानु प्रताप सिंह ने बताया कि उन्होंने मेहनत और वर्षों की कमाई से यह मकान बनवाया था, जिसकी कीमत लगभग 10 लाख रुपये आंकी गई है। अचानक आई इस आपदा ने परिवार को गहरे संकट में डाल दिया है। उन्होंने बताया कि पेड़ गिरने से न सिर्फ मकान को भारी नुकसान पहुंचा बल्कि नीचे खड़े कृषि यंत्र भी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। खेती में उपयोग होने वाले उपकरण टूट गए, जिससे कृषि कार्य प्रभावित होने की आशंका है। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से मौसम लगातार खराब बना हुआ था, लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि तूफान इतना भयावह रूप ले लेगा। तेज हवाओं और ओलावृष्टि के कारण गांव में कई अन्य पेड़ भी उखड़ गए। खेतों में खड़ी फसलों को भी नुकसान पहुंचने की खबर है। ग्रामीणों ने बताया कि अचानक आए तूफान से बिजली व्यवस्था भी प्रभावित हुई और कई घंटे तक इलाके में अंधेरा छाया रहा। घटना की सूचना मिलने के बाद आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और मलबा हटाने में परिवार की मदद की। ग्रामीणों ने प्रशासन से यह भी मांग की कि गांव में पुराने और कमजोर पेड़ों की जांच कराई जाए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके। लोगों का कहना है कि मौसम में लगातार हो रहे बदलाव के कारण आंधी और तूफान की घटनाएं बढ़ रही हैं, जिससे ग्रामीण इलाकों में खतरा बढ़ता जा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में भी तेज हवाएं और बारिश की संभावना बनी हुई है। प्रशासन द्वारा लोगों से खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने और बड़े पेड़ों तथा कमजोर निर्माणों से दूर रहने की अपील की गई है। फिलहाल जमीपुर (गढ़ी) गांव में हुए इस हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। एक तरफ परिवार अपने टूटे हुए आशियाने को देखकर दुखी है, वहीं दूसरी ओर ग्रामीण प्रशासन से जल्द राहत और सहायता की उम्मीद लगाए बैठे हैं। गांव के लोगों का कहना है कि यदि समय रहते मदद नहीं मिली तो प्रभावित परिवार के सामने बड़ी आर्थिक समस्या खड़ी हो सकती है। प्राकृतिक आपदा से हुए इस नुकसान ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षा और आपदा प्रबंधन को लेकर और अधिक गंभीर कदम उठाने की आवश्यकता है। स्थानीय लोगों ने शासन और प्रशासन से मांग की है कि पीड़ित परिवार को जल्द से जल्द आर्थिक सहायता और राहत सामग्री उपलब्ध कराई जाए ताकि वे दोबारा अपने जीवन को सामान्य बना सकें।






