रिपोर्टर:- हरिद्वार सुमेरपुर, पाली, राजस्थान :- 2 अप्रैल सुमेरपुर नगर में सुबह 8:00 बजे से गहलोत सिसोदिया वंश के आराध्य देवी चित्तौड़गढ़ दुर्ग वाली श्री बाण माता के मंदिर को फूल मालाओं से सजाया गया एवं बाghण माता जी का बहुत ही अद्भुत श्रृंगार किया गया साथ ही पास में विराजे हुए श्री एकलिंग महादेव का दुग्ध मधु एवं जल द्वारा अभिषेक किया गया, पूरे मंदिर प्रांगण में गुलाब जल व इत्र का स्प्रे किया गया जिससे वातावरण तक इतना सुगंधित एवं आकर्षक हो गया आने वाले हर दर्शनार्थी मंत्र मुग्ध हो गए साथ ही हवन कुंड में नारियल एवं सुगंधित हवन सामग्री की खुशबू का विशेष सुगंधित वातावरण बन गया । इसके पश्चात माताजी एवं एकलिंग नाथ महादेव की पूजा अर्चना व आरती की गई सभी समाज के दर्शनार्थी भाव विभोर हो गए। पूजा के साथ ही सुमेरपुर के सभी गहलोत परिवार सादड़ी वालों के तरफ से मंदिर के शिखर पर ध्वजा चढ़ाई गई। मंदिर के पास ही बहुत बड़ा विशाल मंडप सजाया गया जिसमें स्टेज पर साधु संतों का स्वागत करके बिठाया गया, मेले में आने वाले दर्शनार्थियों से मंडप पूरा खचाखच भर गया, इसके उपरांत मेले में बोली लेने वाले भामाशाह एवं विशेष अतिथियों का साफा और माला द्वारा सम्मान किया गया इसके उपरांत भोजन प्रसादी का बहुत बड़ा पंडाल लगाया गया जहां सभी आगंतुको को स्वादिष्ट भोजन करवाया गया, मेले की पूर्व संध्या 1 अप्रैल को शिवगंज के भक्तों द्वारा गैर नृत्य का आयोजन किया गया गैर नृत्य का विहंगम दृश्य देखकर जनता एवं दर्शन गण मंत्र मुक्त हो गए उसके बाद रात्रि को विशाल भजन संध्या का आयोजन किया गया जिसमें बाहर से पधारे हुए भजन गायक द्वारा बहुत ही सुंदर और मनमोहक भजनों की एक से बढ़कर एक प्रस्तुति दी गई मेले में, कम से कम 10000 लोगों का आगमन हुआ । विदित हो यह माताजी का प्राण प्रतिष्ठा का 18 वा वार्षिक मेला था हर वर्ष चैत्र पूनम को आयोजित होता है जिसमें सिरोही पाली और जालौर के सभी दर्शनार्थी भाग लेते हैं।
जैन समाज ने भरी हुंकार, जैन मुनियों की सड़क दुर्घटनाओं में हो रही मृत्यु पर चिंता, राष्ट्रपति एवं केंद्र सरकार को ज्ञापन
रिपोर्टर – नीलेश जैन, हुबली, कर्नाटक, 04 जून 2026 :- राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों पर पैदल विहार कर रहे जैन मुनियों और साध्वियों की लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं एवं…
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