
रिपोर्टर – हरि देव आर्य, सुमेरपुर, पाली, राजस्थान :- सुमेरपुर नीलकंठ महादेव पहाड़ी की तलहटी में हवन अष्टमी व रामनवमी दो दिनों के लिए भीलों के लोक देवता पाबूजी राठौड़ का मेला लगता है इस मेले में सिरोही पाली व जालौर जिला के सभी भील समुदाय के लोग लाखों की तादाद में शिरकत करते हैं तथा अपने परिवार के साथ लोक देवता की पूजा वआराधना करते हैंl मेला करीबन 2 किलोमीटर में भरता है मेले में कई तरह के झूले तथा कई तरह के व्यापारी अपनी दुकान व हॉट लगाते हैं, मेले की भव्यता एवं सुंदरता इतनी खूबसूरत होती है कि देखने के लिए सुमेरपुर शिवगंज तथा आसपास के गांव के लोगों की भीड़ लगी रहती है, मान्यता है कि लोक देवता पाबूजी 14 शताब्दी मैं अमरकोट में शादी के मंडप के बीच में उठकर अपनी घोड़ी केसरकॉलमी पर सवार होकर गायों व ऊंट को बचाने के लिए जो उनके बहनोई द्वारा चुरा ले गए थे, उनके साथ युद्ध करते हुए देचू (जोधपुर )मेंवीरगति को प्राप्त हो गए, तब से भील लोग उनकी स्मृति में हर साल उनके मंदिर में दर्शन कर मेले का आनंद लेते हैं तथा अपने समुदाय के लोगों से आपस में मिलते हैंl मेले की व्यवस्था प्रशासन द्वारा की जाती हैl






