रिपोर्टर – संजय पुरी, भारतीय जनता पार्टी ऐसी मोर्चा तारागढ़ अध्यक्ष राकेश कुमार माजरा ने कहा कि शादियों में बढ़ता ‘गन कल्चर’ समाज के लिए घातक है। आज के दौर की आधुनिकता और दिखावे की संस्कृति ने शादियों के पारंपरिक स्वरूप को दिया है। उन्होंने कहा कि जहां कभी शादियां सादगी और रीति-रिवाजों का संगम्म होती थीं, वहीं अब ये फिजूलखर्ची और ‘गन कल्चर’ का केंद्र बनती जा रही हैं। यह न केवल सामाजिक ताने-बाने को बिगाड़ रहा है, बल्कि मासूमों की जान के लिए भी बड़ा खतरा बन कई बार बाराती अपने साथ गन और पिस्तौल लेकर चलते हैं। उत्सव के दौरान हवा में की जाने वाली फायरिंग (हर्ष फायरिंग) अकसर बड़ी दुर्घटनाओं का कारण बनती है। उन्होंने कहा कि एक छोटी सी लापरवाही और दिखावे की भूख हंसते-खेलते परिवार को उम्र भर का दर्द दे जाती है। शादी का वास्तविक अर्थ नशे में अंधा होकर गोलियां चलाना नहीं है। शादी का असली मतलब फूलों की वर्षा करना, बड़ों का स्नेह पाना और भगवान का आशीर्वाद लेना है। समाज के जागरूक नागरिकों को इस कुप्रथा के खिलाफ आवाज उठानी चाहिए।






