रिपोर्टर – संजय पुरी, राम मंदिर में प्रभु श्री राम जी की प्राण प्रतिष्ठा की वर्षगांठ के उपलक्ष पर समूह नगर निवासी, रामलीला ग्राउंड गांव मुठ्ठी में दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान की और से पाँच दिवसीय श्रीराम कथा का आयोजन किया गया। जिसके प्रथम दिवस में दिव्य गुरु श्री आशुतोष महाराज जी की शिष्या साध्वी सुश्री सतप्रेमा भारती जी ने प्रभु श्रीराम जन्म प्रसंग को बहुत ही रोचक व अध्यात्मिक तथ्यों सहित प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया प्रभु का जन्म व कर्म दिव्य होता है। जिसे हम साधारण बुद्धि के द्वारा नही समझ सकते। प्रभु की प्रत्येक लीला के पीछे आध्यात्मिक रहस्य होते हैं। जिन्हें हम ब्रहमज्ञान के द्वारा ही समझ सकते है। इसके अतिरिक्त साध्वी जी ने बताया श्री राम का जीवन चरित्र मानव के उत्थान का मार्ग प्रशस्त करता है। हमारे समाज को उनसे प्रेरणा लेने की जरूरत है। किन्तु आज हमारा समाज ऐसे उत्तम चरित्र को भूलकर निकृष्टता का अनुसरण कर रहा है। जिसका परिणाम आप टूटते बिखरते परिवारों के रूप में ,दिशाहीन युवाओं के रूप में व दम तोड़ती मानवता के रूप में स्पष्ट देख सकते हैं। इसलिए अगर हम एक सुंदर सभ्य व श्रेष्ठ समाज की परिकल्पना को साकार करना चाहते है तो हमें श्रीराम जी के चरित्र को अपने जीवन में उतरना होगा और ऐसा अध्यात्म ज्ञान की दीक्षा को प्राप्त करके ही संभव हो सकता है। जब एक पूर्ण गुरु का आगमन हमारे जीवन में होता है तो वह हमें ब्रह्मज्ञान की दीक्षा देते है। यही अध्यात्म हमारी भारतीय संस्कृति का भी आधार रहा है। जहां अन्य यह देशों की संस्कृतियाँ भोग पर आधारित है। वहीं हमारी भारतीय संस्कृति योग और अध्यात्म से संपन्न है। इसलिए अगर हम जीवन में उत्कर्ष प्राप्त करना चाहते है तो पुनः हमें अपनी संस्कृति के साथ जुड़ना होगा। कार्यक्रम के दौरान साध्वी पुष्भद्रा भारती, साध्वी सत्येंद्र भारती, साध्वी प्रभुज्योति भारती, साध्वी रेखा भारती ने सुमधुर भजनों का गुणगान किया, कथा का समापन प्रभु की पावन मंगल आरती के साथ किया गया।






