रिपोर्टर – संजय पुरी, नरोट जैमल सिंह स्थित श्री गुरु नाभा दास मंदिर में मकर संक्रांति का पर्व बड़ी श्रद्धा और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का आयोजन श्री नाभा दास सेवा समिति द्वारा संत सांवरिया दास की अध्यक्षता में किया गया। जिसमें महाशय बिरादरी की संगतें जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और पंजाब से बड़ी संख्या में शामिल हुईं। मकर संक्रांति के उपलक्ष्य में सर्वप्रथम हवन-यज्ञ का आयोजन किया गया। जिसके उपरांत सत्संग हुआ। सत्संग में डॉ. पुरुषोत्तम भजूरा (रिटायर्ड प्रिंसिपल एवं समिति के संयोजक) और रिटायर्ड कमांडेंट दर्शन कुमार, जिला महामंत्री (अनुसूचित जाति) विशेष तौर पर उपस्थित रहे। इस अवसर पर महंत सांवरिया दास और डॉ. पुरुषोत्तम भजूरा ने मकर संक्रांति के महत्व तथा श्री गुरु नाभा दास जी के जीवन और उपदेशों पर विस्तार से प्रकाश डाला।सत्संग को संबोधित करते हुए दर्शन कुमार, सूरज प्रकाश और रिटायर्ड प्रिंसिपल रंजीत सिंह ने गुरु नाभा दास जी की महिमा का वर्णन किया और समाज से अपील की कि अपने बच्चों को नशे से दूर रखें तथा शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित करें, ताकि समाज का भविष्य मजबूत बन सके। कीर्तन और भंडारे के उपरांत श्री श्री 1008 महामंडलेश्वर आचार्य श्री बंसी दास जी द्वारा मनोकामना हनुमान जी मंदिर, जालंधर में 18 जनवरी को आयोजित होने वाले गुरुजन शताब्दी समारोह का विमोचन किया गया और सभी श्रद्धालुओं को समारोह में शामिल होने का निमंत्रण दिया गया। कार्यक्रम में नेक चंद (मंडल अध्यक्ष, एससी मोर्चा नरोट जयमल सिंह), रंजीत सिंह (रिटायर्ड प्रिंसिपल), अश्वनी कुमार प्रधान नक्की, सूरज प्रकाश (चेयरमैन, अखिल भारतीय महाशय महासभा), इंजीनियर सुनील प्रकाश, मदन लाल (बहादुरपुर), बाकि भजूरा सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति व श्रद्धालु उपस्थित थे।







