रिपोर्टर : पंकज माहेश्वरी, सिरसा, हरियाणा :- सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा निराश्रित बच्चों के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए वित्तीय सहायता योजना क्रियान्वित की जा रही है। योजना के तहत विधवा महिलाओं के बच्चों को आर्थिक सहयोग प्रदान किया जाता है। योजना का लाभ उनको मिलेगा जिनकी आयु 18 वर्ष या उससे अधिक है। आवेदन के लिए महिला को आवेदन पत्र के साथ पति का मृत्यु प्रमाण पत्र, बच्चों का जन्म प्रमाण पत्र (दो बच्चों तक) तथा अन्य आवश्यक दस्तावेज संलग्न कर ऑनलाइन आवेदन करना होगा, जिसके बाद संबंधित कार्यालय में आवेदन जमा करना अनिवार्य है। योजना के तहत वर्तमान में जिला के 11297 पात्रों को लाभान्वित किया जा रहा है।योजना के अनुसार लाभार्थी परिवार की सभी स्रोतों से वार्षिक आय 3 लाख रुपये या उससे कम होनी चाहिए। इसके अतिरिक्त यदि कोई व्यक्ति 100 प्रतिशत दिव्यांग हो, तलाकशुदा महिला हो या पति लापता हो, तो ऐसी स्थिति में भी इस योजना के अंतर्गत दो बच्चों तक वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। पात्रता की जांच संबंधित विभाग द्वारा की जाती है।योजना के अंतर्गत प्रति माह प्रति बच्चे 2100 रुपये की वित्तीय सहायता दी जाती है, जो अधिकतम दो बच्चों तक मान्य है। आवेदन स्वीकृत होने के बाद प्रो-एक्टिव ऐप के माध्यम से लाभार्थी का नाम पंजीकृत किया जाता है और इसके पश्चात सहायता राशि बैंक खाते में प्रदान की जाती है।आवेदन के लिए प्रति का मृत्यु प्रमाण पत्र, राशन कार्ड, वोटर पहचान पत्र, आधार कार्ड, बेसहारा होने का प्रमाण तथा बच्चों की जन्म तिथि से संबंधित दस्तावेज आवश्यक हैं। सरकार की यह योजना जरूरतमंद विधवा महिलाओं और उनके बच्चों को आर्थिक संबल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
“कोकण सरस 2026” – विरार में महिला स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों की भव्य प्रदर्शनी एवं बिक्री मेले का आयोजन
रिपोर्टर -नजीर मुलाणी, पालघर, महाराष्ट्र, वसई :- जिला परिषद पालघर, महाराष्ट्र राज्य ग्रामीण जीवनोन्नति अभियान (उमेद) तथा वसई विरार महानगरपालिका के संयुक्त तत्वावधान में “कोकण सरस 2026” के अंतर्गत महिला…
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