रिपोर्टर- नजीर मुलाणी, वसई, महाराष्ट्र, वसई तालुका के राजनीतिक इतिहास में पहली बार एक नया और प्रेरणादायी अध्याय जुड़ने जा रहा है। वसई तालुका के वार्ड क्रमांक 20 अ (अनुसूचित जाति प्रवर्ग) से दिव्यांग उम्मीदवार देविदास केंगार आगामी महानगरपालिका चुनाव बहुजन समाज पार्टी (BSP) की ओर से ‘हाथी’ चुनाव चिन्ह पर लड़ने जा रहे हैं। यह ववि शहर मनपा वसई तालुका का पहला अवसर है जब कोई दिव्यांग व्यक्ति सीधे किसी आरक्षित वार्ड से चुनावी मैदान में उतर रहा है। देविदास केंगार की उम्मीदवारी से सामाजिक न्याय, समावेशिता और दिव्यांग अधिकारों का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है। बहुजन समाज पार्टी लंबे समय से बहुजन, दलित, वंचित, पिछड़े वर्गों और दिव्यांगों के अधिकारों के लिए संघर्ष करती आ रही है। इसी विचारधारा के तहत पार्टी ने देविदास केंगार को उम्मीदवार बनाया है। BSP के स्थानीय पदाधिकारियों ने कहा कि, “दिव्यांगता कमजोरी नहीं, बल्कि समाज के लिए काम करने की इच्छाशक्ति और हौसले की पहचान है।” देविदास केंगार सामाजिक कार्यों में सक्रिय रहे हैं और उन्होंने अपने क्षेत्र में नागरिकों की बुनियादी समस्याओं को लेकर लगातार आवाज उठाई है। पानी, सड़क, स्वच्छता, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं, साथ ही अनुसूचित जाति और दिव्यांग नागरिकों के मुद्दे उनके चुनावी एजेंडे में प्रमुख रूप से शामिल हैं। देविदास केंगार ने कहा, “अगर जनता ने मुझे अवसर दिया, तो मैं वार्ड के हर वर्ग के लिए ईमानदारी से काम करूंगा। दिव्यांग, गरीब, मजदूर और वंचित समाज को न्याय दिलाना ही मेरा लक्ष्य है।” उनकी उम्मीदवारी को केवल एक चुनावी लड़ाई के रूप में नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन और समानता की दिशा में एक मजबूत कदम माना जा रहा है। ऐसे में वार्ड क्रमांक 20 अ की यह चुनावी मुकाबला इस बार बेहद महत्वपूर्ण और चर्चा का विषय बन गया है।







