रिपोर्टर – संजय पुरी, दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान के तत्वावधान में आयोजित पाँच दिवसीय श्री कृष्ण कथा का भव्य एवं भावपूर्ण समापन अंतिम दिवस पर श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक वातावरण के बीच संपन्न हुआ। इस अवसर पर गुरुदेव श्री आशुतोष महाराज जी की शिष्या साध्वी सुश्री गौरी भारती जी ने उपस्थित श्रद्धालुओं को जीवन में सफलता एवं ईश्वर साक्षात्कार के गूढ़ सूत्रों से अवगत कराया। साध्वी जी ने अपने ओजस्वी प्रवचनों में कहा कि मानव जीवन का परम उद्देश्य ईश्वर प्राप्ति है और इसके लिए सही दिशा, दृढ़ विश्वास तथा पूर्ण गुरु का मार्गदर्शन अनिवार्य है। उन्होंने कथा के रुक्मणी विवाह प्रसंग का आध्यात्मिक अर्थ स्पष्ट करते हुए बताया कि भगवान श्री कृष्ण ईश्वर स्वरूप हैं, रुक्मणी जी आत्मा का प्रतीक हैं तथा इस विवाह में पुरोहित गुरु की भूमिका का निर्वहन करते हैं। जैसे रुक्मणी का भगवान श्री कृष्ण से विवाह गुरु के माध्यम से संभव हुआ, उसी प्रकार जब जीव के जीवन में पूर्ण गुरु का आगमन होता है, तो वह आत्मा को ईश्वर से मिलाने का मार्ग प्रशस्त करते हैं। साध्वी जी ने स्पष्ट किया कि ईश्वर दर्शन का सशक्त माध्यम ब्रह्मज्ञान है। गुरु कृपा से जब साधक अपने भीतर प्रभु के दिव्य प्रकाश स्वरूप का अनुभव करता है, तभी सच्ची भक्ति का उदय होता है। उन्होंने कहा कि केवल बाह्य श्रवण से नहीं, बल्कि गुरु द्वारा प्रदत्त ब्रह्मज्ञान के माध्यम से आंतरिक अनुभव द्वारा ही प्रभु को जाना जा सकता है। गुरु कृपा से अव्यक्त नाम का सुमिरन संभव होता है, जो श्रद्धा और विश्वास के साथ निरंतर अभ्यास से जीव को आध्यात्मिक उन्नति की ओर ले जाता है। साध्वी जी ने यह भी कहा कि नियमित ध्यान-साधना, दृढ़ निष्ठा और अटूट विश्वास के साथ की गई भक्ति से जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आता है और साधक सांसारिक बंधनों से मुक्त होकर परम लक्ष्य की ओर अग्रसर होता है। उन्होंने श्रद्धालुओं को सत्संग, साधना और सेवा के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया।
अपने प्रवचन के दौरान साध्वी जी ने दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान द्वारा संचालित विभिन्न सामाजिक प्रकल्पों की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि संस्थान संतुलन, संरक्षण, बोध, मंथन संपूर्ण विकास केंद्र, कामधेनु गौशाला, अंतर्दृष्टि, अंतरक्रांति तथा आरोग्य, प्रकल्प जैसे अनेक सामाजिक अभियानों के माध्यम से समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने हेतु निरंतर कार्य कर रहा है। इन प्रकल्पों के द्वारा पर्यावरण संरक्षण, नैतिक मूल्यों का संवर्धन, स्वास्थ्य जागरूकता एवं सामाजिक उत्थान के लिए सैकड़ों प्रकार की मुहिम चलाई जा रही हैं। कार्यक्रम में साध्वी जगदीशा भारती जी, साध्वी हरिता भारती जी एवं साध्वी आरती जी ने भगवान श्री कृष्ण की महिमा में सुमधुर भजनों का भावपूर्ण गायन किया, जिससे पूरा पंडाल भक्तिमय हो उठा। कथा के अंतिम दिवस पर क्षेत्र के अनेक गणमान्य अतिथि.. शीतल वीज प्रेसिडेंट लायंस क्लब, आदर्श अरोड़ा, जसवीर अरोड़ा, विकास विग, विपन अरोड़ा, विनोद सरमाल ( ब्यूरो चीफ दैनिक सवेरा) , कमल कुमार राकेश खन्ना, वरिंदर महाजन, सोमराज, निरंजन सिंह, राजकुमार, विशेष रूप से उपस्थित रहे। समापन अवसर पर स्वामी विकासानंद जी ने कथा को सफल बनाने में सहयोग प्रदान करने वाले सभी कार्यकर्ताओं, सहयोगी संस्थाओं एवं क्षेत्रवासियों का हृदय से धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम का विधिवत समापन सामूहिक आरती के साथ किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर आध्यात्मिक आनंद की अनुभूति की।







