रिपोर्टर : पंकज़ माहेश्वरी, सिरसा, हरियाणा, हरियाणा बाल अधिकार संरक्षण आयोग के सदस्य श्याम शुक्ला और अनिल लाठर ने वीरवार को महिला एवं बाल विकास विभाग के कार्यालय में समीक्षा बैठक की। बैठक में बाल कल्याण समिति और बाल संरक्षण इकाई के कार्यों और उनकी दैनिक गतिविधियों की समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान आयोग के सदस्यों ने बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा और उन्हें बढ़ावा देने के संबंध में कई आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने विशेष रूप से स्पॉन्सरशिप स्कीम के प्रभावी कार्यान्वयन पर बल दिया। सदस्यों ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस योजना के दायरे में अधिक से अधिक पात्र बच्चों को लाया जाए, ताकि उन्हें आवश्यक सहायता और समर्थन मिल सके। उन्होंने कहा कि जिन बच्चों को सहायता की आवश्यकता है, उन्हें उ‘च गुणवत्ता वाली और संवेदनशील काउंसलिंग (परामर्श) प्रदान की जाए ताकि उनका उचित मानसिक और भावनात्मक विकास सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि पोक्सो केस में बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत होने के समय पुलिस सादी वर्दी में हो और यदि बच्चों को मेडिकल की जरूरत हो तो उसे मेडिकल सुविधा उपलब्ध करवाई जाए। गंभीर मामलों में विशेष राहत फंड भी दिया जाए। उन्होंने कहा कि आंगनवाडी वर्कर के माध्यम से लोगों को जागरूक करें कि बच्चों अपने जैविक परिवार के भीतर ही सुरक्षित और कानूनी रूप से गोद लिए जाएं। इस अवसर पर उप निदेशक महिला एवं बाल विकास विभाग डॉ. दर्शना सिंह और बाल संरक्षण अधिकारी डॉ. गुरप्रीत कौर भी उपस्थित रही। इसके अलावा कमेटी चेयरमैन डॉ. मदन लाल, बाल संरक्षण इकाई के प्रतिनिधि मीनाक्षी और कविता शर्मा, तथा कमेटी के सदस्य अनिल कुमार, रजनीश, संतोष, भावना शर्मा और निधि भी बैठक में मौजूद थे।
“कोकण सरस 2026” – विरार में महिला स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों की भव्य प्रदर्शनी एवं बिक्री मेले का आयोजन
रिपोर्टर -नजीर मुलाणी, पालघर, महाराष्ट्र, वसई :- जिला परिषद पालघर, महाराष्ट्र राज्य ग्रामीण जीवनोन्नति अभियान (उमेद) तथा वसई विरार महानगरपालिका के संयुक्त तत्वावधान में “कोकण सरस 2026” के अंतर्गत महिला…
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