रिपोर्टर दीपक राज राखी, यह सिर्फ एक रस्म नही,भाई की आत्मा पर मर्यादा का तिलक है रक्षाबंधन दो शब्दों से बना है रक्षा और बंधन इसका आध्यात्मिक अर्थ है पवित्रता और सुरक्षा हममें से अधिकतर लोग राखी को एक परम्परा की तरह निभाते है लेकिन हर परंपरा के पीछे एक शक्ति होती है एक अध्यात्मिक संदेश राखी उस शक्ति की याद है जो आत्मा के भीतर है राखी केवल भाई की कलाई पर बंधने वाला धागा नहीं है यह आत्मा से आत्मा का एक वादा है कि हम खुद को बेहतर बनाएंगे रिश्तों को गहराई देंगे और जीवन को बाहर नही भीतर से सजाएंगे राखी बंधाना यानी यह प्रतिज्ञा करना कि जीवन में पवित्रता धारण करना है जब बहन भाई की राखी बांधती है तो केवल रक्षा का वादा नही लेती बल्कि मर्यादा मे रहने की प्रेरणा भी देती है।







