रिपोर्टर नजीर मुलाणी म्हसवड के माणदेश इंस्टिट्यूट ऑफ फार्मास्यूटिकल साइंस एंड रिसर्च सेंटर कॉलेज में एक अनोखी घटना सामने आई है। कॉलेज में काम से आए एक व्यक्ति को जबरन केबिन में जाने से रोकते हुए केबिन के दरवाजे को बाहर से लोहे की जंजीर और ताले से बंद कर दिया गया।
फरियादी दादा धोंडीबा कोडलकर (उम्र 34, व्यवसाय – नौकरी, निवासी भाटकी, तालुका माण, जिला सातारा) ने म्हसवड पुलिस स्टेशन में शिकायत दी है कि 16 जुलाई 2025 की दोपहर करीब 1:45 बजे जब वह कॉलेज के केबिन में जा रहे थे, तभी डॉ. विवेकानंद श्रीरंग माने, सुशांत प्रकाश पाटील और महेश जालिंदर माने (तीनों निवासी वडूज, ता. खटाव, सातारा) ने मिलकर जबरन केबिन के दरवाजे को लोहे की जंजीर और ताले से बंद कर दिया। तीनों आरोपियों ने फरियादी को धमकाते हुए कहा, “तुम्हारा कॉलेज में कोई काम नहीं है, तुम केबिन में नहीं जा सकते।” पुलिस ने फरियादी की शिकायत पर BNS धारा 126(2), 351(2), 351(3), 352, 3(5) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। जांच अधिकारी महिला पुलिस हवलदार एन. एन. पळे मामले की तफ्तीश कर रही हैं। शैक्षणिक संस्थानों में इस तरह के दबाव और धमकी की घटनाएं गंभीर हैं। अन्याय के खिलाफ आवाज उठाना जरूरी है।
7 लाख की रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़ा गया बाह्य कर्मचारी; वसई अपर तहसीलदार कार्यालय के अधिकारी की भी जांच शुरू
रिपोर्टर – नजीर मुलाणी, वसई (पालघर), महाराष्ट्र :- भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए लाचलुचपत प्रतिबंधक विभाग (एसीबी), ठाणे ने वसई तालुका में 7 लाख रुपये की रिश्वत लेते…
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