लेखक राज पुरी भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल के एक अहम बयान पर आधारित है, जिसमें उन्होंने “ऑपरेशन सिंदूर” को लेकर IIT मद्रास में अपनी बात रखी। इस बयान के प्रमुख बिंदुओं को संक्षेप में समझते हैं! • 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमला हुआ था। • इसके जवाब में 7 मई की रात भारत ने “ऑपरेशन सिंदूर” के तहत 9 आतंकी ठिकानों पर सटीक हमले किए।
• ऑपरेशन 23 मिनट का था। • कोई भारतीय सैनिक हताहत नहीं हुआ — “यहां तक कि एक गिलास भी नहीं टूटा”, डोभाल का दावा।
• सभी हमले सीमा पार (PoK और पाकिस्तान) के आतंकी ठिकानों पर केंद्रित थे, सीमावर्ती क्षेत्र नहीं थे। स्वदेशी तकनीक का इस्तेमाल: • डोभाल ने गर्व जताया कि इस पूरे ऑपरेशन में स्वदेशी सैन्य तकनीक का इस्तेमाल किया गया। • यह भारत की तकनीकी आत्मनिर्भरता (Atmanirbhar Bharat) की दिशा में एक मजबूत कदम है। झूठी खबरों पर नाराज़गी: • उन्होंने मीडिया की कुछ रिपोर्टों को गलत बताया, जिनमें कहा गया कि भारत को नुकसान हुआ। • डोभाल ने विदेशी मीडिया पर भी निशाना साधा और कहा कि उन्होंने गलत तस्वीरों के आधार पर रिपोर्टिंग की। सैटेलाइट तस्वीरों की चुनौती:
• NSA डोभाल ने कहा कि 10 मई से पहले और बाद की पाकिस्तान के 13 एयरबेस की सैटेलाइट इमेज को देखने से सच्चाई स्पष्ट हो जाएगी। • पाकिस्तान ने बदले की कार्रवाई में भारत के सैन्य व नागरिक ठिकानों पर ड्रोन और मिसाइल से हमले की कोशिश की थी। • भारत के एयर डिफेंस सिस्टम ने इन सभी हमलों को नाकाम कर दिया। अजीत डोभाल का यह बयान भारत की रणनीतिक क्षमता, सैन्य दक्षता, और तकनीकी आत्मनिर्भरता को दर्शाता है। साथ ही यह भी साफ करता है कि भारत अब प्रतिक्रिया नहीं, बल्कि निर्णायक कार्रवाई की नीति अपना रहा है — वह भी बिना किसी नुकसान के, अत्यंत सटीकता और स्वदेशी तकनीक के बल पर। यदि आप चाहें तो मैं ऑपरेशन सिंदूर की रणनीतिक गहराई, तकनीकी पक्ष या भविष्य के असर पर एक विश्लेषणात्मक लेख भी तैयार कर सकता हूँ।







