रिपोर्टर – सुरेंद्र कुमार पंवार, जोधपुर, राजस्थान :- महानगर की पॉश कॉलोनी ‘पृथ्वीराज नगर’ में सरकारी धन के बर्बादी और दो प्रमुख विभागों के बीच प्रशासनिक तालमेल की कमी का एक बेहद गंभीर और विचारणीय मामला सामने आया है। यहाँ नवनिर्मित 800 मीटर की सीसी (Cement Concrete) सड़क को बनाने के मात्र तीन दिन बाद ही जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (PHED) द्वारा पाइपलाइन डालने के नाम पर निर्दयतापूर्वक उधेड़ दिया गया। यह कृत्य सीधे तौर पर जनता की गाढ़ी कमाई और टैक्स के पैसे की खुली बर्बादी को दर्शाता है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, पृथ्वीराज नगर में हाल ही में जोधपुर विकास प्राधिकरण (JDA) द्वारा तकनीकी मापदंडों के अनुसार पुरानी सड़क को उधेड़कर 20\text{ mm} कंक्रीट और सीमेंट मिक्स के साथ नई उच्च गुणवत्ता वाली सीसी सड़क का निर्माण शुरू किया गया था। निर्माण एजेंसी द्वारा भारी लागत से सड़क की पहली लेयर चढ़ाकर जैसे ही लेवलिंग का कार्य पूर्ण किया गया, वैसे ही PHED विभाग की निद्रा टूटी। PHED को अचानक स्मरण आया कि उक्त मार्ग पर पाइपलाइन डाली जानी शेष है। परिणामस्वरुप, सड़क निर्माण के महज तीसरे ही दिन जेडीए द्वारा बनाई गई सड़क को जेसीबी मशीनों से पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया गया। सड़क निर्माण और विकास कार्यों की तय वैधानिक प्रक्रिया के अनुसार, किसी भी क्षेत्र में सड़क बनाने से पूर्व संबंधित सभी विभागों (यथा- विद्युत, जलदाय, दूरसंचार) से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) और समन्वय स्थापित करना अनिवार्य होता है। परंतु जोधपुर विकास प्राधिकरण और PHED के मध्य ‘अंतर-विभागीय समन्वय’ का स्तर शून्य प्रतीत होता है। यदि पाइपलाइन डाली ही जानी थी, तो सड़क निर्माण से पूर्व यह कार्य क्यों नहीं संपादित किया गया?





