रिपोर्टर – नजीर मुलाणी, फलटण, महाराष्ट्र :- फलटण में महिला डॉक्टर आत्महत्या मामले में एक बड़ा कानूनी घटनाक्रम सामने आया है। इस मामले में पिछले पांच महीनों से जेल में बंद आरोपी पुलिस उपनिरीक्षक गोपाल बडने को कोल्हापुर सर्किट बेंच द्वारा सशर्त जमानत दे दी गई है। इस फैसले के बाद न्याय व्यवस्था और पीड़िता को न्याय मिलने को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। मिली जानकारी के अनुसार, 23 अक्टूबर 2024 को फलटण के एक होटल में एक महिला डॉक्टर ने गला घोंटकर आत्महत्या कर ली थी। घटना के बाद जांच में सामने आया कि मृतक महिला ने आत्महत्या से पहले अपने हाथ पर आरोपी पुलिस उपनिरीक्षक गोपाल बडने और प्रशांत बनकर (उम्र 29, निवासी लक्ष्मीनगर, फलटण) का नाम लिखा था। साथ ही दोनों पर शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए गए थे।
इस आधार पर फलटण पुलिस ने मामला दर्ज कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया था। उपनिरीक्षक गोपाल बडने पिछले पांच महीनों से न्यायिक हिरासत में था। उसने कोल्हापुर स्थित मुंबई हाईकोर्ट की सर्किट बेंच में जमानत के लिए आवेदन किया था। गुरुवार को हुई सुनवाई के दौरान सरकारी पक्ष और बचाव पक्ष के वकीलों ने अपने-अपने तर्क रखे। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय ने आरोपी गोपाल बडने को सशर्त जमानत मंजूर कर दी। अब उठ रहे हैं ये सवाल -: क्या पीड़िता को न्याय मिल पाएगा?, क्या प्रभावशाली पद पर होने का आरोपी को फायदा मिला?, क्या जांच निष्पक्ष तरीके से आगे बढ़ेगी?, परिजनों और सामाजिक संगठनों में नाराजगी इस फैसले के बाद पीड़ित परिवार और सामाजिक संगठनों में आक्रोश देखा जा रहा है। लोगों का कहना है कि ऐसे गंभीर मामलों में सख्त कार्रवाई होनी चाहिए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लग सके।
एक्यूपंक्चरिस्ट सुलक्षणा नवगिरे-कोटियन को ‘महा-एक्यूपंक्चर रत्न’ पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
रिपोर्टर – राहुलकुमार अग्रवाल, पुणे, महाराष्ट्र :- छत्रपति संभाजीनगर (संजवार्ता ब्यूरो): पुणे के विमान नगर में प्रैक्टिस करने वालीं (और ‘नेचर्स वाइब्स एक्यूपॉइंट’ से जुड़ीं) रजिस्टर्ड एक्यूपंक्चरिस्ट सुलक्षणा (जान्हवी) नवगिरे-कोटियन…
Read more





