रिपोर्टर – नजीर मुलाणी, पालघर, महाराष्ट्र :- वसई, नालासोपारा, 11 : नालासोपारा पश्चिम के समेळपाडा क्षेत्र में महानगरपालिका की आरक्षित सांडपाणी (वेटलैंड) जमीन से बड़े पैमाने पर घास की चोरी होने का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। आरोप है कि प्रतिदिन लाखों टन घास काटकर उसे गुजरात और महाराष्ट्र के बड़े-बड़े तबेलों में लाखों रुपये में बेचा जा रहा है। जानकारी के अनुसार, इस आरक्षित जमीन पर सुबह 6 बजे से दोपहर 12 बजे तक मजदूरों से घास कटवाया जाता है। इस काम के लिए मजदूरों को प्रतिदिन लगभग 1000 से 1500 रुपये मजदूरी दी जाती है। इसके बाद बड़े ट्रकों में भरकर घास को 5 से 10 रुपये प्रति किलो के भाव से विभिन्न जगहों पर भेजा जाता है। बताया जा रहा है कि घास काटने के बाद उसे दोबारा तेजी से उगाने के लिए पानी देने और घास की बढ़त के लिए विशेष व्यवस्था भी की गई है। इस पूरे मामले में महानगरपालिका के कुछ अधिकारियों तथा नालासोपारा के कुछ प्रतिष्ठित लोगों के नाम सामने आने की भी चर्चा है। सामाजिक कार्यकर्ता रूचिता ताई नाईक ने इस पूरे मामले की गहन जांच कर दोषियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करने की मांग की है।






