रिपोर्टर -नजीर मुलाणी /सिटी- सातारा/ राज्य -महाराष्ट्र खुटबाव में अनुशासन,संस्कार और इतिहास का संदेश-शिवगर्जना प्रतिष्ठान की शिवजयंती पर सामाजिक उपक्रमों की अनोखी पहल माण,खुटबाव — खुटबाव गांव में शिवगर्जना प्रतिष्ठान की ओर से इस वर्ष शिवजयंती उत्सव अत्यंत अनुशासित, संस्कारपूर्ण और सामाजिक संदेश देने वाले विविध कार्यक्रमों के साथ उत्साहपूर्वक मनाया गया। कार्यक्रम को ग्रामवासियों का भरपूर समर्थन और उत्साहपूर्ण प्रतिसाद मिला। कार्यक्रम की शुरुआत ज्योत आगमन से हुई। इसके बाद छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा का विधिवत पूजन कर शिववंदना प्रस्तुत की गई। पूरे दिन सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला आयोजित की गई। महिलाओं के लिए हल्दी-कुंकू समारोह का आयोजन किया गया, वहीं गांव में भव्य शोभायात्रा निकालकर शिवभक्ति का उल्लास व्यक्त किया गया। छोटे बच्चों ने शिवचरित्र पर आधारित प्रभावशाली भाषण प्रस्तुत किए। इस अवसर पर मेधावी विद्यार्थियों का सत्कार कर उन्हें प्रोत्साहित किया गया। कार्यक्रम की विशेष आकर्षण रही वरिष्ठ विचारक गोविंद पानसरे द्वारा लिखित पुस्तक छत्रपति शिवाजी महाराज कौन था का बच्चों और अभिभावकों को वितरण। इस पहल के माध्यम से पढ़ने की संस्कृति को बढ़ावा देने के साथ इतिहास के प्रति गर्व और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना युवाओं में जागृत करने का संदेश दिया गया। इस अवसर पर लालासाहेब ननावरे, शिवाजी ननावरे (निवृत्त हवालदार), विठ्ठल ननावरे, मधुकर ननावरे, रामचंद्र ( बाळू ) ननावरे, सुनील माने सहित अनेक गणमान्य नागरिक और ग्रामवासी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सामाजिक एकता, इतिहास के प्रति सम्मान और संस्कारों के संगम के साथ खुटबाव का शिवजयंती उत्सव हर्षोल्लास के वातावरण में संपन्न हुआ।







