चुनाव आयोग के सूत्रों के मुताबिक 30 जून 2025 को कांग्रेस की कानूनी टीम ने चुनाव आयोग को एक ईमेल भेजा था, जिसमें 2 जुलाई को एक आपात बैठक की मांग की गई थी. उनका दावा था कि वे कई विपक्षी दलों का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं और बिहार में हो रही विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision) प्रक्रिया को लेकर चिंतित हैं.









