
रिपोर्टर- नजीर मुलाणी, मुंबई, महाराष्ट्र, वसई :- वसई तालुका में तलाठी एवं मंडल अधिकारियों ने सोमवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है, जिससे तलाठी कार्यालयों का समस्त राजस्व संबंधी कामकाज पूरी तरह ठप हो गया है। लैपटॉप, प्रिंटर, स्कैनर जैसी आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध न होने और प्रशासन द्वारा समय पर पूर्ति न किए जाने के विरोध में महाराष्ट्र राज्य तलाठी संघ – वसई तालुका की ओर से यह आंदोलन शुरू किया गया है।
इस आंदोलन के तहत वसई तालुका के कुल 52 तलाठी सजा में से 32 तलाठी एवं 9 मंडल अधिकारियों ने अपनी डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट (DSC) नायब तहसीलदार शशिकांत नाचन को सौंप दी। इस अवसर पर प्रशासन को लिखित ज्ञापन भी दिया गया। तलाठी संघ के पदाधिकारियों के अनुसार, पिछले कई महीनों से तलाठी कार्यालयों के लिए आवश्यक तकनीकी संसाधनों की मांग की जा रही है, लेकिन प्रशासन इस विषय को गंभीरता से नहीं ले रहा। मजबूरी में तलाठी एवं मंडल अधिकारी अब तक अपने निजी लैपटॉप, प्रिंटर और स्कैनर का उपयोग कर नागरिकों के कार्य संपन्न कर रहे थे। अब इस स्थिति के खिलाफ ऑनलाइन कार्य प्रणाली का बहिष्कार किया गया है। तलाठी कार्यालयों से संबंधित प्रमाण पत्र, 7/12 उतारे, फेरफार, राजस्व रिकॉर्ड जैसे कार्य निर्धारित समय में पूरे न होने के कारण पहले ही तहसील कार्यालय में तलाठियों के खिलाफ कई शिकायतें दर्ज हो चुकी हैं। अब हड़ताल के कारण राजस्व विभाग का संपूर्ण कामकाज बंद हो गया है, जिससे आम नागरिकों की परेशानियां और बढ़ गई हैं। वर्तमान में शासन का अधिकांश कामकाज ऑनलाइन प्रणाली पर आधारित है। सिस्टम डाउन, संसाधनों की कमी और अब कर्मचारियों की हड़ताल के चलते नागरिकों को बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। तलाठी संघ ने शासन से मांग की है कि इस हड़ताल की गंभीरता को समझते हुए तुरंत उनकी मांगें पूरी की जाएं, ताकि राजस्व कार्य पुनः सुचारू रूप से शुरू हो सके और जनता को राहत मिल सके।







