रिपोर्टर : नंदकिशोर मते, अमरावती, महाराष्ट्र, पाणी अदवा पाणी जिरवा (जल संचयन और भुजल पुनर्भरण ) कैपेन के तहत एक महत्वपूर्ण पहल कीं गई हैं इस पहल के अंतर्गत ग्रामीणो के सहयोग से शिराला के जंगल में एक अस्थायी जंगल का डैम बनाया गया है.यह अनुठा डैम खाली सीमेंट के बर्तनो में मिट्टी रेत और पत्थर भरकर तैयार किया। गया है इसका मुख्य उद्देश नदियों नालो और झरनो के पानी को रोकना और उसे जमीन मे रीसने देना है इस श्रमदान से बडे डैम के कारण इलाके का ग्राउंडवॉटर लेवल( भूजल स्तर ) बढने की उम्मीद है जिससे स्थानीय खेती को बडा फायदा होगा यहा प्रयास जल संरक्षण की दिशा मे एक महत्त्वपूर्ण पहल करते हुए अमरावती मे ॲग्रीकल्चर डिपार्टमेंट की तरफ से शिराला गाव के पास एक जंगल का डैम बनाया गया है यहा प्रोजेक्ट तालुका एग्रीकल्चर ऑफिसर प्रशांत गुल्हाने के मार्गदर्शन मे और मंडल एग्रीकल्चर ऑफिसर नीता कवाने की मौजूदगी मे लोगो की मदत से पुरा किया गया आशिष उके, संजय कुकडे,नकुल नागे, सचिन साखरवाडे आकाश शेंडे, गजानन हटवार,और येशूआ गुगलमाने समेत कई स्थानीय लोगो ने इस अवसर पर सभी ने पाणी बचाने और समझदारी से इस्तेमाल करणे की शपथ भि ली डिप्टी एग्रीकल्चर ऑफिसर भूषण देशमुख, असिस्टेंट ॲग्रीकल्चर ऑफिसर मारुती जाधव, भी इस मौके पर मौजुद रहे यह प्रयास स्थानीय जल स्तर को बढाने और कृषि में मदत करने के लिए एक सराहनीय कदम हैं.







