रिपोर्टर: शितल गुरव, हुपरी, कोल्हापूर, महाराष्ट्र, रविवार को सातवीं माल पर करवीर निवासिनी श्री अंबाबाई के षोडशी त्रिपुरसुंदरी स्वरूप की जडावी सालंकृत पूजा की गई। यह स्वरूप दस महाविद्याओं में से तीसरी महाविद्या पर आधारित है। अजिंक्य मुनेश्वर, सचिन गोटखिंदीकर, आर्चीस चिटनिस और रोहन परांडेकर ने इस पूजा को तैयार किया। इस बीच, रविवार को 2 लाख 45 से अधिक श्रद्धालुओं ने अंबाबाई के दर्शन किए। अष्टमी की नगर प्रदक्षिणा मंगलवार रात अंबाबाई मंदिर में होगी। देवस्थान समिति ने इस समारोह के लिए व्यापक तैयारियाँ की हैं। पालकी सजाई जाएगी। गूजरी, भाऊसिंगजी रोड, भवानी मंडप, खासबाग, मिरजकर टिकटी, बिनखंबी गणेश मंदिर, आठवें शहर दौरे की तैयारियां तेज, यह महाद्वार रोड से होकर मंदिर नगर भ्रमण का मार्ग है। इस मार्ग पर फूलों की रंगोली बनाई जाएगी। षोडशी त्रिपुरसुंदरी स्वरूप का महत्व, पुराणों में पाश, अंकुश, पाँच बाण और गन्ने से बने धनुष को धारण करने वाली देवी त्रिपुरसुंदरी की पूजा की गई है।







