सिनेमाघरों में राष्ट्रगान बजाने पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश में बदलाव चाहता है केंद्र

नई दिल्ली/नगर संवाददाताः सिनेमाघरों में राष्ट्रगान बजाने के मामले में केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट से अपील की है कि वह अपने आदेश में बदलाव करे। चार पेज के हलफनामे में केंद्र ने तर्क दिया कि वह एक अंतर मंत्रिमंडलीय समिति का गठन करने जा रहा है। उसकी रिपोर्ट के आधार पर सरकार नए सिरे से अधिसूचना जारी करेगी। तब तक सुप्रीम कोर्ट अपने 2016 के आदेश के पहले की स्थिति को बहाल रखे। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने 30 नवंबर, 2016 के आदेश में सिनेमाघरों में फिल्म शुरू होने से पहले राष्ट्रगान के बजाने को अनिवार्य कर दिया था। उस दौरान लोगों को हर हाल में खड़े होना था। हालांकि बाद में दिव्यांगों के लिए अदालत ने अपने आदेश में संशोधन भी किया था। कोर्ट ने यह फैसला श्याम प्रसाद चौकसे की याचिका पर दिया था। उनकी मांग थी कि आम जन में राष्ट्र के प्रति सम्मान जगाने का यह कारगर तरीका है। 23 अक्टूबर को अटार्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने सुप्रीम कोर्ट में कहा था कि सिनेमाघर में राष्ट्रगान बजाने का फैसला बेहतरीन है और इससे सारे देश में एकता का भाव पैदा होता है, लेकिन यह काम सरकार पर छोड़ना चाहिए कि राष्ट्रगान कैसे बजाया जाए और लोग किस तरह से उसके प्रति सम्मान दर्शाएं। सुप्रीम कोर्ट ने भी तब माना था कि लोगों की देश भक्ति का पता लगाने के लिए राष्ट्रगान पर खड़ा होना भर कोई पैमाना नहीं है। अदालत ने सरकार से कहा था कि वह नियमों में बदलाव का मसौदा तैयार करे। हलफनामे में सरकार ने अदालत को बताया है कि किस तरह से मंत्रालयों की समिति बनाई जाएगी और छह माह के भीतर यह अपनी सिफारिश देगी। उसके बाद केंद्र एक अधिसूचना जारी करके नए नियम बनाएगा।

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