बढ़ सकता है सर्विस टैक्स, खाना और फोन करना होगा महंगा : आम बजट

नई दिल्ली/नगर संवाददाताः बहुप्रतीक्षित वस्तु एवं सेवाकर भले ही एक अप्रैल 2017 से लागू नहीं हो रहा हो लेकिन सरकार आम बजट में जीएसटी के लिए जमीन तैयार करने के लिए कदम उठा सकती है। माना जा रहा है कि वित्त मंत्री अरुण जेटली एक फरवरी को आम बजट 2017-18 पेश करते हुए सेवा कर की दरों में वृद्धि कर सकते हैं। सेवा कर की प्रभावी दर फिलहाल 15 प्रतिशत है और आगामी आम बजट में इसे 16 प्रतिशत के आस-पास किया जा सकता है। हालांकि केंद्र के इस कदम से मोबाइल पर बात करने और रेस्टोरेंट में खाना-खाने जैसी कई सेवाएं महंगी हो सकती हैं। असल में जीएसटी लागू होने पर सेवाओं को 18 फीसदी टैक्स की श्रेणी में रखने का प्रस्ताव है, इसीलिए आम बजट में सेवा कर की दर बढ़ाने का विचार है। जीएसटी एक जुलाई 2017 से लागू होगा। इसके लागू होने पर केंद्र सरकार के सेवा कर और उत्पाद शुल्क सहित राज्यों के वैट व कई अन्य परोक्ष कर समाप्त हो जाएंगे। सेवा कर की पांच दरें- 5 प्रतिशत, 12 प्रतिशत, 18 प्रतिशत और 28 प्रतिशत प्रस्तावित हैं। सेवाओं को 18 प्रतिशत की श्रेणी में रखने का प्रस्ताव है। इसीलिए आम बजट 2017-18 में सेवा कर में वृद्धि के आसार हैं। –

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