थाने में पिटाई के दौरान युवक ने की खून की उल्टी, उसके 10 साल के बेटे से कराई सफाई

जांजगीर, छत्तीसगढ़/मयूर जैनः छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा के मुलमुला थाने में पुलिस की कथित पिटाई से मौत के मामले में दूसरे दिन पुलिस का क्रूर चेहरा भी सामने आया है। जांच में यह बात सामने अाई है कि कस्टडी में सतीश की पिटाई के दौरान खून की उल्टी हुई तो पुलिस ने उसके 10 साल के बेटे से ही थाना कैंपस की सफाई कराई। बेटे से मांगा पानी और पिटाई की बात बताई मुलमुला थाना क्षेत्र के ग्राम नरियरा के सागरपारा मोहल्ले में पिछले 4 दिनों से ट्रांसफार्मर खराब है, जिसके कारण इलाके की बिजली बंद थी। शुक्रवार को कुछ लोग बिजली विभाग के दफ्तर गए थे तो कर्मचारियों ने शनिवार की सुबह 10 बजे तक बिजली आने की जानकारी दी। लेकिन जब तय वक्त पर बिजली सप्लाई चालू नहीं हुई तो मोहल्ले का 35 साल का दलित युवक सतीश कुमार नोर्गे अपने दो दोस्तों के साथ दफ्तर जा पहुंचा। दफ्तर में उस वक्त जेई सक्सेना ड्यूटी पर थे। युवकों ने बिजली बहाल नहीं होने पर जानकारी मांगी और ऊपर के दफ्तर में जाकर शिकायत करने की बात कही। इस वजह से बात बढ़ गई। इतना मारा कि डंडे से मारने के निशान उभर आए इसके बाद वहां मौजूद किसी कर्मचारी ने थाना में सूचना दे दी। बताया जाता है कि थाना से दो कॉन्सटेबल बिजली दफ्तर पहुंचे और सतीश को मारते हुए थाना ले गए। थाना में उसे को इतना पीटा गया कि वह बेहोश हो गया। उसके बेहोश होने पर पुलिस ने उसके घरवालों को बुलाया।युवक के पैरों, जांघ और कूल्हे पर डंडे से मारने के निशान उभर आए थे और उसकी हालत खराब थी। थोड़ी देर बाद आनन-फानन में पुलिस उसे इलाके के ही हेल्थ सेंटर ले गई, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक सतीश नारंगे के भतीजे विनीत नारंगे और उसके चाचा मिठाई लाल ने मामले की जांच कर रहे ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट को बयान दिया। उनके मुताबिक जब सतीश का 10 साल का मासूम बेटा थाना पहुंचा तो सतीश ने उसे पुलिस द्वारा मारने की बात कही और पानी मांगा। बाद में सतीश को थाने में खून की उल्टी हुई तो पुलिस ने बेटे से ही थाना कैंपस की सफाई कराई। शनिवार की रात लाश को डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल लाया गया। रविवार की सुबह पीएम की तैयारी चल रही थी, लेकिन युवक की फैमिली ने जांजगीर में पीएम कराने से इनकार कर दिया।
दो घंटे तक पुलिस और प्रशासन के अफसर कोशिश करते रहे। आखिरकार 11.30 बजे लाश को एंबुलेंस में पामगढ़ के लिए रवाना किया गया।डेड बॉडी पहुंचने के बाद लाश को एंबुलेंस से उतारने नहीं दिया गया और टीआई जितेंद्र सिंह राजपूत समेत स्टॉफ के खिलाफ हत्या का केस दर्ज करने, मृतक की पत्नी को नौकरी और मुआवजे की मांग पर फैमिली अड़ गई। करीब 3 घंटे की मशक्कत के बाद जोगी कांग्रेस के नेता और एमएलए अमित जोगी समेत मृतक के फैमिली की मांग पर सहमति बनी। इसके बाद दोपहर 3 बजे लाश को एंबुलेंस से उतारा गया।अफसराें ने किसी के खिलाफ एफआईआर तो दर्ज नहीं की गई लेकिन रोजनामचा में नामजद मामला दर्ज करने सहमत हुए। कलेक्टर डॉ. एस भारतीदासन और एसपी अजय यादव के कहने पर लिखित में पामगढ़ थाना में लिया गया कि पुलिस कस्टडी में युवक की मौत टीआई समेत स्टाफ के मारने से हुई। मामले में टीआई अौर दो कॉन्सटेबल को सस्पेंड किया जा चुका है।

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