रिपोर्टर संजय पुरी वर्ल्ड क्राफ्ट काउंसिल के 15 देशों के प्रतिनिधि यहां 60वीं जयंती समारोह में भाग लेने के लिए एकत्रित हुए हैं। जिनमे कुवैत, ऑस्ट्रेलिया, फ्रांस, यूके, आयरलैंड, मध्य एशिया और अन्य क्षेत्रों से प्रतिनिधि और दुनियाभर के शिल्पकार एकत्र हुए हैं, जो अपनी अद्वितीय शिल्पकला का प्रदर्शन करेंगे, जो वैश्विक धरोहर की समृद्धता को दर्शाती है। श्रीनगर का सुंदर शहर वर्ल्ड क्राफ्ट काउंसिल के 60वीं जयंती उत्सव कार्यक्रम का मेज़बान बनकर जीवंत हो उठा है, जो 25 नवंबर से 28 नवंबर 2024 तक आयोजित हो रहा है। यह भव्य आयोजन दिल्ली में 21 से 24 नवंबर 2024 तक सफलतापूर्वक आयोजित समारोह के बाद हो रहा है। जम्मू और कश्मीर सरकार द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य केंद्र शासित प्रदेश की समृद्ध शिल्पकला और सांस्कृतिक धरोहर को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करना है। इस पहल से सरकार की यह प्रतिबद्धता जाहिर होती है कि वह कलात्मक परंपराओं को संरक्षित और बढ़ावा देने के लिए कृतसंकल्पित है, जो जम्मू और कश्मीर की पहचान को परिभाषित करती हैं। प्रतिनिधियों ने श्रीनगर में अपनी यात्रा की शुरुआत ऐतिहासिक पुरानी शहर की गलियों में क्राफ्ट सफारी से की। यह अनुभव उन्हें क्षेत्र की जटिल शिल्पकला और समृद्ध परंपराओं से अवगत करा रहा है। बाद में, उन्होंने स्थानीय हितधारकों और सरकारी अधिकारियों से बैठक की, और सरकार के आर्ट्स एंपोरियम में संवाद और सहयोग को बढ़ावा दिया। एक क्राफ्ट बाजार भी लगाया जाएगा जिसमें जम्मू और कश्मीर तथा अन्य स्थानों की अद्भुत कृतियों का प्रदर्शन किया जाएगा, जिससे शिल्पकारों को अपनी कला प्रदर्शित करने और बेचने का प्लेटफ़ॉर्म मिलेगा। जम्मू और कश्मीर के उपराज्यपाल एक पुरस्कार समारोह की अध्यक्षता करेंगे, जिसमें स्थानीय शिल्पकारों के उत्कृष्ट योगदान को मान्यता देते हुए प्रतिष्ठित UT-स्तरीय क्राफ्ट अवार्ड्स दिए जाएंगे।