हैड क्राईम रिपोर्टर - सज्जन सिंह चारण, जिला - बीकानेर,राजस्थान : राजस्थान की विद्युत वितरण निगम जयपुर व अजमेर का एफ. आर. टी. टीमों का ठेका संधा एंड कम्पनी तथा जोधपुर विद्युत वितरण निगम का ठेका संधा एंड कंपनी व भंवरिया इंफ्रा प्रोजेक्ट प्रा. लि. को दिया गया इन दोनों ठेकेदारों के द्वारा हर माह एफ. आर.टी. के नाम पर कर्मचारियों व अधिकारियों से मिली भगत होने से अरबो रुपए का घोटाला कर राजस्थान सरकार के राजस्व को भारी नुकसान पहुंचाया जा रहे हैं। सभी अधिकारी मुक दर्शक बनकर बैठे हैं मेरे द्वारा दिनांक 01 /03/ 2024 को इस एफ. आर. टी. भ्रष्टाचार प्रकरण में मुख्य अभियंता बीकानेर को पत्र क्रमांक 134 समक्ष पेश होकर अवगत करवाया गया। जिस पर आदेश क्रमांक जो वि वि नि लि/सं. मु. अ./बीका./तकनीकी/प्रे. 5402 दिनांक 18/03/2024 को दिया गया। जिस पर आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई । इसी प्रकार दिनांक 08/05/2024 डिस्कॉम चैयरमैन जयपुर को पत्र क्रमांक 143 समकक्ष पेश हो कर दिया गया जिस पर T. A. को R . R. न. 3161 मे . जाँच के लिए निर्देशित किया गया इन अदेशों की भी अवहेलना कि जा रही है। इसी प्रकार निदेशक महोदय विद्युत वितरण निगम जोधपुर को दिनांक 22/ 04/2024 को पत्र क्रमांक 138 समक्ष पेश होकर अवगत करवाया गया। जिस पर चीफ इंजीनियर वि के छगानी व अधीक्षण अभियंता ओपी सुथार जोधपुर डिस्कॉम को जांच के लिए निर्देशित किया गया । यह भी एफ आर टी टीमो के ठेकेदारों के साथ मिलकर जांच की कार्यवाहीं को रोक दिया तथा मुख्य लेखा अधिकारी ,जोधपुर को आर. टी.आई. लगाकर जानकारी चाही गई लेकिन इनके द्वारा आज तक कोई जवाब दिया गया जिससे साफ प्रतीत होता है कि इन अधिकारी की मिली भगत है एफ आर टी टीमों में बिना डिग्री डिप्लोमा के अकुशल श्रमिको की भर्ती कर रखी है । यहां तक कर्मचारियों के पीएफ खाते भी नहीं है तथा न ही इनके बीमा पॉलिसी हो रखी है । जोधपुर डिस्कॉम के वर्क आर्डर 292 /D.1783 दिनांक 06 /10 /2023 की राशि 376 करोड़ 14 लाख 45600रु. का दिया गया। परंतु हर माह करोड रुपए का भुगतान फर्जी बिल बनाकर अधिकारियों को रिश्वत देकर भुगतान उठाया जा रहा है। इसी प्रकार अजमेर के डिस्कॉम वर्क आर्डर नंबर AVVNL/SE (IT)/XEN (IT02)/AJMER/F.TN-IT-56/D./381 दिनांक 01/02 /2023 की राशि 422 करोड़ 70 लाख 48000रु.का दिया गया। इसी प्रकार विद्युत वितरण निगम जयपुर के द्वारा संधा कंपनी को दिया गया उपरोक्त तीनों डिस्कोम में अधिकारी और एफ आर टी टीम के ठेकेदारों के साथ मिलकर फर्जी भुगतान उठाया जा रहे है। जिसकी जांच भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो जयपुर मुख्यालय से या सीबीआई से जांच करवाई जानी चाहिए।