रिपोर्टर – सुरेंद्र कुमार पंवार, जोधपुर, राजस्थान :- उत्तर प्रदेश हाई कोर्ट ने स्कूल यूनिफॉर्म के साथ हिजाब या हेडस्कार्फ पहनने की अनुमति मांगने वाली मुस्लिम छात्रा की याचिका को आज खारिज कर दी। जस्टिस जेजे मुनीर और जस्टिस इंद्रजीत शुक्ला की पीठ ने कहा, छात्रा ऐसा कोई प्रामाणिक धार्मिक संदर्भ या सामग्री पेश नहीं कर सकी, जिससे साबित हो कि हेडस्कार्फ पहनना धर्म की अनिवार्य प्रथा है। केवल दावा करने से अनुच्छेद-25 के तहत अधिकार नहीं मिल सकता। प्रयागराज की छात्रा का कहना था कि वह छठी से 10वीं तक हेडस्कार्फ पहनती रही। 11वीं में स्कूल ने इसे ड्रेस कोड के खिलाफ बताया। इसीलिए छारा ने न्यायालय का सहारा लिया राज्य की ओर से अतिरिक्त मुख्य स्थायी अधिवक्ता गिरिजेश कुमार त्रिपाठी ने कहा, स्कूल निजी गैर-सहायता प्राप्त संस्थान है और यूनिफॉर्म तय करना उसकी नीति का विषय है। कोर्ट ने कहा, पहले हेडस्कार्फ पहनने पर आपत्ति न होने से इसे पहनने का स्थायी अधिकार नहीं मिलता। समान और भेदभाव रहित यूनिफॉर्म अनुशासन, समानता और धार्मिक रूप से तटस्थ माहौल को बढ़ावा देती है। पीठ ने कर्नाटक हाई कोर्ट के उस फैसले का जिक्र किया, जिसमें स्कूलों में हिजाब को अनिवार्य धार्मिक प्रथा नहीं माना गया था। इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में बंटा फैसला आया था और अब तक अंतिम निर्णय नहीं दिया है।
पर्सनल लॉ बोर्ड देगा चुनौती: ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने फैसले को चुनौती देने की बात कही है।
श्री दगडूशेठ हलवाई गणपती ट्रस्ट का पुलिस मित्र संगठन की ओर से सम्मान ट्रस्ट के चिकित्सा कार्य की सराहना
रिपोर्टर – राहुलकुमार अग्रवाल, पुणे, महाराष्ट्र :- सोमवार को पुलिस मित्र संगठन के अध्यक्ष श्री राजेंद्र कपोटे की उपस्थिति में पुलिस मित्र संगठन की ओर से पुलिस कर्मियों को चिकित्सा सेवाएं…
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